भागलपुर | 30 जुलाई 2025: बिहार के भागलपुर जिले में एक अनोखी और चर्चा में रहने वाली बारात देखने को मिली, जब बाढ़ के कारण सड़क मार्ग बंद होने पर दूल्हा नाव से बारात लेकर निकला। यह दृश्य पीरपैंती प्रखंड के बाकरपुर गांव का है, जहां गंगा नदी में आई बाढ़ ने गांव को चारों ओर से घेर लिया है।
नाव से निकली 35 किमी लंबी बारात
गांव के देवमुनी कुमार, जो सोमवार को दूल्हा बने, को अपने ससुराल कटिहार जिले के कटाकोष गांव तक लगभग 35 किलोमीटर की दूरी नाव और पैदल तय करनी पड़ी। बाढ़ के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद था। ऐसे में उन्होंने बारात को नाव पर चढ़ाया और गंगा नदी पार कर दुल्हन के घर पहुंचे।
दूल्हे के पिता रामदेव मंडल ने बताया कि शादी की तिथि एक महीने पहले तय हो चुकी थी। बाढ़ की आशंका के बावजूद शादी की तारीख नहीं बदली जा सकी। मजबूरी में बारात को नाव से ले जाना पड़ा।
बारात में नहीं था बैंड-बाजा, पर यादगार बना सफर
देवमुनी कुमार ने बताया, “हमने स्कॉर्पियो से कुछ दूरी तक यात्रा की, फिर पैदल गंगा किनारे पहुंचे। वहां से नाव पर सवार होकर कटिहार के लिए निकले। बीच रास्ते में बारिश भी हो गई, लेकिन बारात में शामिल 25-30 लोगों ने किसी तरह हौसला बनाए रखा।”
नाव पर सवार दूल्हा-दुल्हन को देखकर नदी किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी ने वीडियो बनाया तो कोई तस्वीरें लेता रहा। बिना बैंड-बाजा और धूमधाम के यह बारात भले ही सादगी भरी रही, लेकिन लोगों के लिए एक यादगार पल बन गई।
बाढ़ में भी साथ लाया गृहस्थी का सामान
शादी के बाद देवमुनी कुमार ने बताया कि पलंग, गद्दा, तकिया, कुर्सी-टेबल, गोदरेज समेत सारा गृहस्थी का सामान भी नाव से ही वापस लाया गया। उन्होंने भावुक होकर कहा, “दिल में कसक रह गई…शादी धूमधाम से करना चाहता था, लेकिन बाढ़ के कारण सब कुछ चौपट हो गया।”


