
देश में आजकल शिक्षा का व्यवसायीकरण हो रहा है। ऐसे तमाम कोचिंग, स्कूल, कॉलेज हैं जो फीस के नाम पर छात्रों और अभिभावकों से मोटी रकम वसुलतें हैं। इन सबसे अलग शिक्षा के इस बाजार में बिहार के एक ऐसे शिक्षक हैं जो गुरु और छात्र के परंपरा को जिंदा रखते हुए अपने छात्र से गुरु दक्षिणा के रूप में मात्र एक रुपया लेते हैं। इस शिक्षक का नाम है मैथ गुरु आरके श्रीवास्तव।
आईआईटी की तैयारी पर छात्र लाखों खर्च करते हैं। अपने सपनों को पाने के लिए उन्हें गांव-शहर छोड़कर जाना भी पड़ता है। गरीब छात्रों के लिए यह चुनौती भरा होता है। ऐसे में आपसे कहा जाए कि मात्र एक रुपए में आईआईटी की तैयारी संभव है तो आप निश्चित तौर पर उछल पड़ेंगे। जी हां, ये संभव हो रहा है। ‘1 रु गुरु दक्षिणा’ प्रोग्राम के संचालक मैथेमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव कुछ ऐसी ही स्ट्रैटजी को लेकर प्रसिद्ध हो रहे हैं।
आरके श्रीवास्तव गरीब छात्रों को IIT की 1 रु में कोचिंग क्लास देते हैं। वे एक गणितज्ञ होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक भी हैं। आरके श्रीवास्तव एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने गरीब छात्रों को 1 रु में शिक्षा देकर उनकी काबिलियत को समझा है। इनका मुख्य उद्देश्य है कि गरीब छात्रों को IIT JEE में प्रवेश के लिए तैयारी कराना, खासकर ऐसे छात्र जो पैसे की कमी के बावजूद IIT में प्रवेश पाने का सपने देखता है।
इसमें वह गरीब छात्रों को ऑफलाइन और ऑनलाइन आईआईटी और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड की तैयारी करवाते है। 1 रु गुरु दक्षिणा वाले आरके श्रीवास्तव जिनका पूरा नाम रजनी कांत श्रीवास्तव है, बिहार के जाने-माने शिक्षक एवं विद्वान हैं। मैथमेटिक्स गुरु के नाम से मशहूर आरके श्रीवास्तव अपने अनोखे शैक्षणिक कार्यशैली के लिए काफी प्रसिद्ध है, इन्हें सुपर 30 वाले आनंद कुमार की शैली के शिक्षकों में हमेशा शुमार किया जाता रहा है। आरके श्रीवास्तव ने सिर्फ 1 रु गुरु दक्षिणा में पढाकर लाखों निर्धन स्टूडेंट्स के सपने को साकार कर चुके है।
रोहतास जिला के बिक्रमगंज में जन्में आरके श्रीवास्तव कुछ अन्य गुरुओं से अलग हैं। वर्तमान में ये पटना में रहते है और वही पर निर्धन स्टूडेंट्स को शिक्षा दे रहे है। इनके यहां तामझाम नहीं बल्कि पढ़ाई के बल पर सपना देखने वाले छात्र ही आते हैं। पढ़ाई के बीच कोई शुल्क नहीं बल्कि पूरा होने के बाद बिना 1 रु गुरु दक्षिणा लिए ये किसी को नहीं छोड़ते। गुरु दक्षिणा भी सिर्फ एक रुपया,
इनका नाम है रजनी कांत श्रीवास्तव उर्फ मैथेमेटिक्स गुरु आरके श्रीवास्तव। अबतक 789 निर्धन परिवार के छात्र इंजीनियर व अन्य सरकारी सेवक बन सपने को साकार कर चुके हैं। खेल-खेल में जादुई तरीके से गणित पढ़ाने का उनका तरीका लाजवाब है। कबाड़ की जुगाड़ से प्रैक्टिकल कर गणित सिखाते हैं। इनके द्वारा चलाया जा रहा नाइट क्लासेज छात्रों को भी रास आती है। गुगल ब्वाय कौटिल्य के भी ये गुरु रह चुके हैं। कई रिकार्ड इनके नाम पर दर्ज है।


