
बिहार की राजधानी पटना के जंक्शन पर 29 दिसंबर की रात एक सोना कारोबारी के कर्मचारी से 22.50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की घटना सामने आई थी। बदमाशों ने इस वारदात को बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया, लेकिन अब रेल पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की रात एक बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर कारोबारी के साले दीपक कुमार के पास पहुंचा। उसने चेकिंग का बहाना बनाकर दीपक को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से घुमाते हुए प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर खड़ी एक खाली ट्रेन की बोगी में ले गया। वहां बदमाशों ने दीपक को डरा-धमकाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
चांदी के गहने देने गया था दीपक
पीड़ित कारोबारी धीरज कुमार ने जीआरपी थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने साले दीपक कुमार को वैशाली से पटना के बाकरगंज स्थित ‘राज टंच’ नामक दुकान पर चांदी के गहने देने भेजा था। गहने सौंपने के बाद दीपक 22.50 लाख रुपये नकद लेकर वापस लौट रहा था।
बताया जा रहा है कि बदमाशों को पहले शक था कि बैग में शराब हो सकती है, लेकिन जब बैग खोला गया तो उसमें नोटों की गड्डियां देखकर उनकी नीयत बदल गई और उन्होंने लूट की वारदात को अंजाम दे दिया।
दो बदमाश गिरफ्तार, 19 लाख रुपये बरामद
रेल एसपी डॉ. इनामुल हक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान करबिगहिया निवासी राजा और खुसरूपुर निवासी दीपक के रूप में हुई है। दोनों पिछले तीन महीनों से पटना जंक्शन पर पानी बेचने का काम कर रहे थे और करबिगहिया इलाके में किराए के कमरे में रहते थे।
पुलिस ने इनके पास से लूट की रकम में से 19 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। शेष साढ़े तीन लाख रुपये की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
आयकर विभाग को दी गई जानकारी
रेल पुलिस ने बरामद की गई बड़ी नकदी को देखते हुए इस मामले की सूचना आयकर विभाग को भी दे दी है। अब आयकर विभाग यह जांच करेगा कि इतनी बड़ी राशि का स्रोत क्या था और क्या यह रकम वैध व्यापारिक लेनदेन के दायरे में आती है या नहीं।


