
बिहार शरीफ | 02 मार्च, 2026: बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बिहार शरीफ स्थित एक वाटर पार्क में आयोजित होली मिलन समारोह रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। भोजपुरी सिंगर रौशन रोही के कार्यक्रम के दौरान हुए इस बवाल में दर्जनों राउंड गोलियां चलीं, जिसमें एक किशोर को गोली लग गई है। यही नहीं, कवरेज करने पहुँचे एक पत्रकार को भी भीड़ ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और उनका मोबाइल लूट लिया।
विवाद की वजह: ₹250 का टिकट और ‘फ्री’ एंट्री की जिद
जानकारी के अनुसार, वाटर पार्क में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन था, जिसमें भोजपुरी गायक रौशन रोही को सुनने के लिए भीड़ उमड़ी थी।
- टिकट का खेल: आयोजकों ने प्रवेश के लिए ₹250 का टिकट रखा था।
- टक्कर: स्थानीय ग्रामीण बिना टिकट के अंदर घुसने की जिद कर रहे थे। जब गार्ड्स ने उन्हें गेट पर रोका, तो गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
फायरिंग और अफरा-तफरी: जब बाउंसर और ग्रामीण भिड़े
असली तांडव तब शुरू हुआ जब कार्यक्रम खत्म करके सिंगर रौशन रोही और मुख्य अतिथि राजद नेता याशीर इमाम अपनी गाड़ी से निकलने लगे।
- गाड़ियों पर हमला: ग्रामीणों ने राजद नेता की गाड़ी को घेर लिया और पथराव (रोड़ेबाजी) शुरू कर दी।
- बाउंसर्स की फायरिंग: नेता को बचाने के लिए उनके बाउंसर्स ने हवा में गोलियां चलानी शुरू कीं।
- दोनों ओर से गोलीबारी: इसके जवाब में ग्रामीणों की तरफ से भी फायरिंग हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, दर्जनों राउंड गोलियां चलीं, जिसमें एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार: पत्रकार को बनाया निशाना
वारदात की कवरेज करने पहुँचे एक स्थानीय पत्रकार के साथ हैवानियत की गई:
- अपराधियों ने पहले उनके दो मोबाइल फोन छीन लिए।
- इसके बाद उन्हें सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
- उपद्रवियों ने वहां खड़ी कई गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर कर दिए।
पुलिसिया कार्रवाई: सिंगर समेत एक दर्जन गिरफ्तार
घटना की भयावहता को देखते हुए बिहार थाना की पुलिस और सदर डीएसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
- बरामदगी: पुलिस ने मौके से 4 अवैध हथियार जब्त किए हैं।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने गायक रौशन रोही और राजद नेता के करीबियों समेत एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस छावनी बना दी गई है।
VOB का नजरिया: क्या सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ था?
हजारों की भीड़, ₹250 का टिकट और हथियारों से लैस बाउंसर—नालंदा पुलिस को इस बात का जवाब देना होगा कि इतने बड़े आयोजन की अनुमति बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के कैसे दी गई? एक पत्रकार पर हमला यह बताता है कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ खत्म हो चुका है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ घायल पत्रकार और किशोर के लिए न्याय की मांग करता है।


