
भागलपुर।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को होटल गैलेक्सी-16 में बैंकर्स रिव्यू मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक खुशबू कुमारी ने की।
बैठक में बैंकिंग और विकास क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें अग्रणी जिला प्रबंधक अभिनव बिहारी, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक प्रिया कुमारी, KVIC के अधिकारी गोपाल प्रसाद सिंह, सहित जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि शामिल थे।
बैठक के दौरान वर्ष 2025 में PMEGP के अंतर्गत बैंकों द्वारा किए गए कार्यों की बैंक-वार समीक्षा की गई।
इस दौरान—
- PMEGP इकाइयों के भौतिक सत्यापन की स्थिति पर चर्चा हुई।
- रिफर्ड बैक किए गए मामलों को सुधार कर दोबारा प्रक्रिया में लाने पर जोर दिया गया।
- लाभार्थियों को EDP ट्रेनिंग और ऋण की दूसरी किस्त (Second Dose) समय पर देने की आवश्यकता बताई गई।
- सफल इकाइयों की केस स्टडी साझा कर अन्य आवेदकों को प्रेरित किया गया।
बैठक के अंत में एक ओपन हाउस डिस्कशन भी हुआ, जिसमें बैंकों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर मंथन किया गया।
इस मौके पर GM खुशबू कुमारी ने कहा—
“जिले के युवाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने में बैंकों की भूमिका बेहद अहम है। आवेदनों का समय पर निपटारा कर स्वरोजगार को और गति दी जाए।”
बैठक का उद्देश्य साफ था— PMEGP के जरिए भागलपुर में रोजगार के अवसर बढ़ें और युवा उद्यमिता को नई ताकत मिले।


