इज्जतदार आदमी को बाहर कर दिया…रोहित के टीम में ना होने पर भड़के सिद्धू, जमकर सुनाई खरी खोटी

सिडनी में खेले जा रहे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट में वही हुआ जिसकी चर्चाएं हो रही थी. रोहित शर्मा सिडनी टेस्ट से बाहर हो गए. इस फैसले की क्रिकेट जगत में खूब चर्चा हो रही है. भारत के पूर्व क्रिकेटर और राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी इस मामले पर अपनी बात रखी है और उन्होंने रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है. रोहित के टीम से बाहर होने पर सिद्धू बेहद नाराज दिखे. सिद्धू रोहित शर्मा के प्लेइंग इलेवन से बाहर होने के फैसले से आहत नजर आए.

सिद्धू बोले- या तो कप्तान मत बनाओ

सिद्धू ने अपने एक्स हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने कहा, ‘बड़ी अजीब बात है कि आज भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को बाहर बैठा दिया गया है. यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है कि कोई कप्तान बाहर बैठा है. या तो कप्तान बनाइए नहीं और अगर कप्तान बनाया है एक महान खिलाड़ी को जिसने बहुत सेवा की है भारतीय क्रिकेट की फिर उसका फॉर्म गलत है या नहीं है ये मैटर नहीं करता. कप्तान कोई ऑप्शन नहीं है कि वो टीम के हित के लिए बाहर हो जाए’.

रोहित शर्मा बहुत इज्जतदार आदमी है

सिद्धू ने आगे कहा, ‘यह गलत संकेत जाता है. चाहे आपने उसे टीम से बाहर बैठाया हो या ऑप्शन दिया हो. मैनेजमेंट कभी भी कप्तान को बैठने के लिए ऑप्शन नहीं दे सकता. और वो कप्तान जिसने टीम बनाई हो, जिसने विश्वास जताया हो, जिसने छोटे प्लेयर्स को हमेशा एक फादर फिगर का रोल देकर इज्जत कमाई हो. और ये बहुत सम्मान वाला इज्जतदार आदमी है. ये गलत फैसला है’.

सिद्धू ने टेलर-अज़हरुद्दीन का दिया उदाहरण

वहीं सिद्धू ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, ‘एक कैप्टन को कभी भी बीच में नहीं छोड़ना चाहिए और न ही बाहर निकलने का विकल्प देना चाहिए. गलत संकेत भेजता है. मार्क टेलर, अज़हरुद्दीन जैसे कप्तानों को खराब फॉर्म के बावजूद एक साल तक कप्तान बने रहते देखा है. रोहित शर्मा मैनेजमेंट से अधिक सम्मान और विश्वास का हकदार था. अजीब है क्योंकि यह भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ. भूल…क्योंकि गिरा हुआ प्रकाश स्तंभ चट्टान से भी अधिक खतरनाक है’.

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