बिहार में 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास से रात के अंधेरे में पौधे और गमले निकाले जाने की घटना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। इस पूरे मामले पर बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने तीखा हमला बोलते हुए इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से इतर बताया है।
‘दाल में कुछ काला है’—बीजेपी प्रवक्ता का आरोप
प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि
“सरकारी आवास को रात में खाली करना कोई सामान्य बात नहीं है। इससे साफ संकेत मिलता है कि दाल में कुछ काला है।”
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सब कुछ नियम और पारदर्शिता के तहत हो रहा था, तो दिन के उजाले में आवास खाली करने में क्या दिक्कत थी?
उजाले से डर क्यों? जनता के मन में उठ रहे सवाल
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि
“जो व्यक्ति वर्षों तक बिहार की सत्ता के शीर्ष पर रहा हो, अगर उसे उजाले से डर लगने लगे, तो जनता के मन में शंका स्वाभाविक है।”
उनके मुताबिक रात का अंधेरा, चुप्पी और जल्दबाज़ी, ये सभी बातें लोकतांत्रिक आचरण के खिलाफ हैं।
आरजेडी की चुनावी हार पर भी साधा निशाना
प्रेम रंजन पटेल ने राष्ट्रीय जनता दल की विधानसभा चुनाव में करारी हार पर भी तंज कसते हुए कहा कि
“जिनके शासनकाल में सत्ता का दुरुपयोग, परिवारवाद और अहंकार हावी रहा, वे अब जनता के सवालों और सच्चाई के उजाले से भाग रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि
जनता अब भोली नहीं है, सब देख रही है, समझ रही है और हिसाब भी रख रही है।
‘अंधेरे की राजनीति नहीं, पारदर्शिता चाहता है बिहार’
बीजेपी प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि
“बिहार अब पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास की राजनीति चाहता है, ना कि अंधेरे में होने वाली साजिशें और सत्ता की पुरानी आदतें।”
उन्होंने दो टूक कहा—
“जो उजाले से भागेगा, वह सत्ता के योग्य नहीं है।”
जनता आगे भी देगी जवाब
प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि
“जनता ने ऐसे लोगों को पहले ही उनकी सही जगह दिखा दी है और आगे भी दिखाती रहेगी।”


