न्याय की दहलीज पर संवेदनशीलता का नया सवेरा: भागलपुर व्यवहार न्यायालय में ‘वल्नरेबल विटनेस सेंटर’ की तैयारी

भागलपुर। न्याय की प्रक्रिया अक्सर जटिल और डरावनी मानी जाती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो किसी अपराध के पीड़ित या गवाह होते हैं। अदालतों का माहौल, वकीलों की जिरह और आरोपियों की मौजूदगी अक्सर गवाहों, विशेषकर बच्चों और यौन उत्पीड़न के शिकार लोगों को भयभीत कर देती है। इसी भय को समाप्त करने और न्याय प्रक्रिया को मानवीय चेहरा देने की दिशा में भागलपुर जिला प्रशासन और न्यायिक तंत्र ने एक बड़ी पहल शुरू की है। भागलपुर व्यवहार न्यायालय परिसर में ‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’ (VWDC) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। गुरुवार को जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने न्यायालय परिसर का सघन दौरा कर इस महत्वपूर्ण केंद्र के लिए उपयुक्त स्थल का निरीक्षण किया। यह केंद्र न केवल गवाहों को सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि बिहार की न्यायिक प्रणाली में संवेदनशीलता का एक नया मानक भी स्थापित करेगा।

​क्या है वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर?

​एक सामान्य अदालत में गवाह को आरोपी के सामने खड़ा होकर बयान देना पड़ता है। बच्चों या मानसिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए यह अनुभव अत्यंत दुखद और डरावना हो सकता है, जिससे वे सच बोलने से कतराते हैं या दबाव में आ जाते हैं। वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर एक ऐसा विशेष कक्ष होता है जहाँ गवाह को आरोपी से सीधा सामना नहीं करना पड़ता।

​यहाँ की बनावट एक पारंपरिक कोर्ट रूम से बिल्कुल अलग होती है। इसमें बच्चों के लिए खिलौने, आरामदायक कुर्सियां और एक ऐसा माहौल होता है जो उन्हें घर जैसा अहसास कराए। यहाँ गवाह और न्यायाधीश के बीच सीधा संवाद होता है, जबकि आरोपी को एक अलग कमरे में बिठाया जाता है जहाँ से वह केवल कार्यवाही सुन या देख सकता है, लेकिन गवाह को डरा नहीं सकता। भागलपुर में इस सेंटर का निर्माण होने से पॉक्सो (POCSO) एक्ट और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों के निपटारे में बड़ी तेजी आएगी।

​जिलाधिकारी का निरीक्षण और स्थल का चयन

​जिला सत्र न्यायाधीश, भागलपुर द्वारा भेजे गए पत्र के आलोक में प्रशासन इस परियोजना को लेकर काफी गंभीर है। जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने व्यवहार न्यायालय परिसर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान उनके साथ प्रशासनिक और न्यायिक शाखा के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

​निरीक्षण के बाद बार लाइब्रेरी के नीचे स्थित स्थल को इस केंद्र के निर्माण के लिए फिलहाल चिन्हित किया गया है। यह स्थान न्यायालय परिसर के भीतर होने के कारण सुरक्षा और पहुंच की दृष्टि से काफी उपयुक्त माना जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्थल का चयन गवाहों की गोपनीयता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए किया गया है। यहाँ सेंटर बनने से गवाहों को बिना किसी भीड़-भाड़ के सीधे केंद्र तक पहुँचाया जा सकेगा।

​नगर निगम की एनओसी और निर्माण की बाधाएं

​चिन्हित स्थल पर निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कुछ तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करना अनिवार्य है। चूंकि प्रस्तावित स्थल नगर निगम के क्षेत्राधिकार या उनके रिकॉर्ड से जुड़ा हो सकता है, इसलिए नगर निगम भागलपुर से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

​जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नगर निगम के साथ समन्वय बिठाकर जल्द से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाए। जैसे ही एनओसी मिल जाएगी, भवन निर्माण विभाग या संबंधित एजेंसी के माध्यम से सेंटर का खाका (Map) तैयार कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रशासन की कोशिश है कि इस साल के अंत तक यह केंद्र पूरी तरह क्रियाशील हो जाए ताकि जिले के लंबित पड़े संवेदनशील मामलों में गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया सुगम हो सके।

​प्रशासनिक टीम की मुस्तैदी

​निरीक्षण के इस अवसर पर जिले के कई महत्वपूर्ण चेहरे जिलाधिकारी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे। टीम में सहायक समाहर्ता जतिन कुमार, अपर समाहर्ता दिनेश राम, और जिला विधि शाखा की प्रभारी पदाधिकारी मीनाक्षी कुमारी प्रमुख रूप से शामिल थे।

​इन अधिकारियों ने न्यायालय परिसर की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा मानकों पर अपनी राय साझा की। अपर समाहर्ता दिनेश राम ने भूमि संबंधी दस्तावेजों और नक्शे का अवलोकन किया, वहीं विधि शाखा की प्रभारी मीनाक्षी कुमारी ने न्यायिक आवश्यकताओं और गवाहों की सुविधा से जुड़े पहलुओं पर जिलाधिकारी को ब्रीफ किया। प्रशासनिक अमले की यह एकजुटता दर्शाती है कि भागलपुर में न्याय प्रणाली को आधुनिक और संवेदनशील बनाने के लिए शासन कितना प्रतिबद्ध है।

​न्याय प्रक्रिया पर इसका दूरगामी प्रभाव

​भागलपुर जैसे बड़े जिले में, जहाँ आपराधिक मामलों का बोझ अधिक है, वहां वल्नरेबल विटनेस सेंटर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अक्सर गवाहों के मुकर जाने (Hostile होने) के पीछे मुख्य कारण आरोपी का डर और अदालत का भारी-भरकम माहौल होता है।

​इस सेंटर के निर्माण से निम्नलिखित बड़े बदलाव आने की उम्मीद है:

  • सजा की दर में बढ़ोतरी: जब गवाह बिना डरे सच बोलेंगे, तो अपराधियों को सजा मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
  • बच्चों का संरक्षण: यौन अपराधों के शिकार बच्चों को अदालती प्रक्रिया के दौरान दोबारा उस मानसिक पीड़ा (Re-traumatization) से नहीं गुजरना पड़ेगा।
  • त्वरित सुनवाई: गवाहों की उपलब्धता आसान होने से केस की तारीखें लंबी नहीं खिंचेंगी।
  • तकनीकी समावेश: इस सेंटर में अत्याधुनिक सीसीटीवी, ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग और वन-वे मिरर जैसी तकनीकें होंगी, जो साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ाएंगी।

​सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम

​यह सेंटर केवल एक भवन नहीं है, बल्कि यह समाज के उस वंचित और पीड़ित वर्ग के प्रति सम्मान का प्रतीक है जो न्याय की आस में अदालतों के चक्कर काटता है। भागलपुर में इस पहल की शुरुआत होना यह संदेश देता है कि प्रशासन अब केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नागरिक अधिकारों और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए भी सजग है।

​जिलाधिकारी डॉक्टर नवल किशोर चौधरी ने निरीक्षण के अंत में कहा कि न्याय के मंदिर में हर व्यक्ति को अपनी बात निडर होकर कहने का अधिकार है और यह केंद्र इसी अधिकार को मजबूती प्रदान करेगा। बार लाइब्रेरी के नीचे बनने वाला यह केंद्र भागलपुर व्यवहार न्यायालय की कार्यप्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा।

​अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कानूनविदों ने प्रशासन के इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। उनका मानना है कि जब गवाह सुरक्षित महसूस करेंगे, तभी सच की जीत होगी। अब सबकी नजरें नगर निगम की ओर से मिलने वाली एनओसी पर टिकी हैं, जिसके बाद भागलपुर के न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। यह निरीक्षण केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि यह भागलपुर की उन तमाम बेटियों और मासूमों के लिए उम्मीद की एक किरण है जो न्याय की प्रतीक्षा में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

  • ये भी पढ़े..

    मोहर्रम को लेकर भागलपुर में शांति समिति की बैठक, संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी

    Share Add as a preferred…

    मोहर्रम को लेकर भागलपुर प्रशासन अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी

    Share Add as a preferred…