70 हजार से अधिक स्थानों पर आयोजित संवाद से मिले लाखों सुझाव
40 विभागों से जुड़े विषयों पर महिलाओं की भागीदारी से नीतियों में आएंगे बदलाव
पटना, 20 जून 2025।बिहार सरकार द्वारा आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुए इस संवाद अभियान ने राज्य भर में महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी का मंच प्रदान किया है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
- शुरुआत: 18 अप्रैल 2025 से पूरे राज्य में एक साथ शुभारंभ
- आयोजन अवधि: लगभग एक माह
- स्थान: पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर
- कुल आयोजन: 70,000 से अधिक महिला संवाद कार्यक्रम
- विषयगत भागीदारी: 40 विभागों से जुड़े मुद्दों पर महिलाओं की खुलकर भागीदारी
- प्राप्त सुझाव: लाखों की संख्या में रचनात्मक सुझाव प्राप्त
प्रमुख विषय जिन पर सुझाव मिले:
- स्वास्थ्य सेवाएं – मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, पीएचसी की स्थिति
- शिक्षा – बालिकाओं की स्कूली उपस्थिति, शौचालय, दूरस्थ विद्यालयों तक पहुंच
- समाज कल्याण – वृद्धावस्था पेंशन, विधवा सहायता, जीविका समूहों की मजबूती
- जलापूर्ति एवं स्वच्छता – चापाकल, जल निकासी, स्वच्छता से जुड़ी जरूरतें
- आंगनबाड़ी सेवाएं, सड़क व आधारभूत संरचनाएं, सुरक्षा, रोजगार के अवसर इत्यादि
अगले चरण की कार्यवाही:
- सभी सुझावों को विभागवार श्रेणीकृत कर समीक्षा की जा रही है
- सुझावों के आधार पर महिलाओं के अनुकूल नई कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं
- स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस रखते हुए योजनाओं में बदलाव की प्रक्रिया शुरू
- जहां स्कूल, चापाकल, आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं की कमी चिन्हित की गई है, वहां निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी
सरकार की मंशा:
इस व्यापक महिला संवाद के जरिए सरकार ने एक जनसुनवाई आधारित विकास मॉडल को अपनाया है, जहां नीतियों का निर्धारण जमीनी स्तर के अनुभवों और जरूरतों पर आधारित होगा।
यह पहल न केवल महिलाओं की आवाज़ को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करती है, बल्कि यह सुनिश्चित करती है कि योजनाएं समावेशी, व्यावहारिक और असरदार हों।
मुख्यमंत्री का संदेश:
“महिला संवाद एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की एक प्रक्रिया है। हमारी सरकार हर उस सुझाव को गंभीरता से ले रही है, जो महिलाओं की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।”


