पटना। बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण और रोजगार को नई दिशा देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राज्य की जीविका दीदियों को पिंक बसों में ड्राइवर और कंडक्टर बनाया जाएगा। महिलाएं न सिर्फ बस चलाएंगी, बल्कि कंडक्टर की भूमिका निभाते हुए यात्रियों की सुविधा भी देखेंगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य—
- महिला रोजगार में वृद्धि,
- सुरक्षित महिला-परिवहन सिस्टम,
- और जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
15 दिसंबर तक आवेदन की अंतिम तिथि, 8वीं पास आवश्यक
सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- आखिरी तारीख: 15 दिसंबर 2025
- न्यूनतम योग्यता: 8वीं पास
- प्राथमिकता: 9वीं और 10वीं पास महिलाओं को
यह पहली बार है जब बिहार सरकार सीधे महिलाओं को पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बड़े स्तर पर शामिल कर रही है।
ड्राइवर-कंडक्टर बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण, IDTR में कराया जाएगा ट्रेनिंग
चयनित महिलाओं को पटना और औरंगाबाद स्थित Institute of Driving Training & Research (IDTR) में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ट्रेनिंग में शामिल होगा:
- हेवी व्हीकल संचालन
- ट्रैफिक नियम
- रोड सेफ्टी
- आपातकालीन स्थिति संभालना
- ग्राहक सेवा
- और व्यावहारिक ड्राइविंग ट्रेनिंग
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं को—
➡ Heavy Motor Vehicle (HMV) लाइसेंस
➡ पिंक बसों में ड्राइवर/कंडक्टर के रूप में संविदा आधारित नियुक्ति
दी जाएगी।
पिंक बस परियोजना: महिलाओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बस सेवा
पटना सहित कई प्रमुख शहरों में महिलाओं के लिए विशेष पिंक बसें चलाई जा रही हैं।
इन बसों की विशेषता:
- केवल महिला यात्री
- महिला ड्राइवर और कंडक्टर
- सुरक्षित और आरामदायक यात्रा
- CCTV सुरक्षा
- महिला-केंद्रित रूट और स्टॉपेज
अब तक चुनौती थी कि बसों के लिए महिला ड्राइवर और कंडक्टर उपलब्ध नहीं थे। सरकार का यह नया कदम इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करेगा।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने दी जानकारी: “महिला रोजगार और सम्मान हमारी प्राथमिकता”
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने समीक्षा बैठक में कहा—
- “जीविका दीदियों को पिंक बसों में शामिल करने से महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी।”
- “यह योजना महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगी।”
- “ट्रेनिंग व नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।”
सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में भागीदारी निभाएं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
ट्रेनिंग के दौरान मिलेगा तकनीकी और व्यवहारिक प्रशिक्षण
प्रतिभागियों को सिखाया जाएगा—
- बस ड्राइविंग के तकनीकी कौशल
- यात्री प्रबंधन
- टिकट वितरण प्रणाली
- वाहन मेंटेनेंस की बुनियादी बातें
- ग्राहक व्यवहार और कम्युनिकेशन
यह प्रशिक्षण महिलाओं को न सिर्फ ड्राइवर बनने की क्षमता देगा, बल्कि उन्हें एक प्रोफेशनल पब्लिक ट्रांसपोर्ट वर्कर बनाएगा।
भविष्य में और शहरों में पिंक बस सेवा शुरू होगी
सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे प्रशिक्षित महिला ड्राइवर और कंडक्टर की संख्या बढ़ेगी, पिंक बस सेवा को अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा।
इससे—
- महिलाओं को यात्रा में सुरक्षा
- जीविका दीदियों को रोजगार
- समाज में महिला भागीदारी बढ़ेगी
यह योजना बिहार सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों में एक मील का पत्थर साबित होगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
नीतीश सरकार का यह फैसला दिखाता है कि बिहार में महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।
पिंक बसों में जीविका दीदियों की नियुक्ति—
- रोजगार
- सम्मान
- सुरक्षा
- और आत्मनिर्भरता
चारों मोर्चों पर महिलाओं की स्थिति को मजबूत करेगी।


