HIGHLIGHTS
- तारीख तय: 28 और 29 मार्च 2026 को आयोजित होगा गोपालगंज का प्रसिद्ध ‘थावे महोत्सव’।
- एक्शन में प्रशासन: डीएम पवन कुमार सिन्हा ने समाहरणालय में की हाई-लेवल समीक्षा बैठक।
- भव्य आयोजन: पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से महोत्सव को ‘यादगार’ बनाने की तैयारी।
- सुरक्षा और सुविधा: श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य, प्रकाश और यातायात की होगी विशेष व्यवस्था।
गोपालगंज | 16 मार्च, 2026
गोपालगंज जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित सुप्रसिद्ध मां थावे दुर्गा मंदिर के प्रांगण में एक बार फिर भक्ति और संस्कृति का संगम होने जा रहा है। बिहार सरकार और पर्यटन विभाग के सौजन्य से आयोजित होने वाले ‘थावे महोत्सव-2026’ को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस वर्ष यह उत्सव 28 और 29 मार्च को मनाया जाएगा, जिसे लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने को कहा है।
DM की समीक्षा बैठक: ‘जीरो टॉलरेंस’ के साथ भव्यता पर जोर
सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा खींची गई।
- जिम्मेदारियों का बंटवारा: डीएम ने विभिन्न विभागों को अलग-अलग टास्क सौंपे हैं।
- निर्देश: “आयोजन हर हाल में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित होना चाहिए। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए,” जिलाधिकारी ने बैठक में कड़े शब्दों में कहा।
पर्यटकों के लिए होगा ‘रेड कार्पेट’ स्वागत
महोत्सव में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी है:
- सुरक्षा: पूरे मंदिर और आयोजन परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम और सीसीटीव कैमरों की निगरानी।
- साफ-सफाई: गंगा स्वच्छता पखवाड़े की तर्ज पर थावे परिसर में विशेष सफाई अभियान।
- सुविधाएं: शुद्ध पेयजल, अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था।
- यातायात: भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक रूट चार्ट में बदलाव और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम।
VOB का नजरिया: आस्था के साथ पर्यटन को भी लगेंगे पंख!
थावे महोत्सव केवल एक जिला स्तरीय आयोजन नहीं है, बल्कि यह बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मां थावे के प्रति लोगों की अटूट आस्था के साथ जब प्रशासन की सक्रियता जुड़ती है, तो पर्यटन के नए द्वार खुलते हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा का खुद कमान संभालना यह दर्शाता है कि इस बार आयोजन का स्तर पिछले वर्षों से कहीं अधिक भव्य होगा। उम्मीद है कि स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज भी इस मंच की शोभा बढ़ाएंगे, जिससे गोपालगंज का नाम एक बार फिर सांस्कृतिक मानचित्र पर चमकेगा।


