भागलपुर। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को भागलपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस के कैंप कार्यालय में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर अजीत शर्मा ने कहा कि श्रीकृष्ण बाबू का योगदान बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है। उनके नेतृत्व में बिहार विकास के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल था।
सामाजिक सुधार के अग्रदूत थे श्रीकृष्ण बाबू
अजीत शर्मा ने कहा कि जमींदारी उन्मूलन और छुआछूत के खिलाफ उनके अभियान ने दलितों और पिछड़े वर्गों को नया सम्मान दिलाया। देवघर मंदिर में दलितों को प्रवेश दिलाकर उन्होंने सामाजिक बराबरी का मजबूत संदेश दिया।
बिहार को औद्योगिक पहचान दिलाई
उन्होंने बताया कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में
- बरौनी रिफाइनरी
- बरौनी फर्टिलाइजर
- सिंदरी और रांची में भारी उद्योग निगम
- बोकारो स्टील प्लांट
- मोकामा में गंगा पर राजेंद्र पुल
- कोशी सिंचाई परियोजना
- पूसा कृषि महाविद्यालय
जैसी ऐतिहासिक परियोजनाओं की शुरुआत हुई।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 1962 में योजना आयोग ने बिहार को भारत का सबसे सुसज्जित राज्य घोषित किया था।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी श्रद्धांजलि
सभा में बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, विपिन बिहारी यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सोइन अंसारी, डॉ. अभिषेक चौबे, इंटक अध्यक्ष रवि कुमार, मो. महताब खान, सैफ बिन मलिक, बंटी दास पान, मिनाक्षी रॉयल, ज्योति देवी, खुशबू देवी, बाबर अंसारी, जाहिर नेजामी, पार्षद प्रतिनिधि नंद गोपाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर किया गया।


