
बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी लगातार एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने राज्यव्यापी बड़ी पहल शुरू की है। छेड़खानी रोकने और मनचलों पर नकेल कसने के लिए राज्य सरकार ने ‘अभया ब्रिगेड’ का गठन किया है।
क्या है अभया ब्रिगेड?
यह एक विशेष पुलिस बल होगा, जो
- स्कूल–कॉलेज
- बाजार
- बस स्टैंड–रेलवे स्टेशन
- पार्क
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों
में सक्रिय रहकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। किसी भी तरह की छेड़खानी या उत्पीड़न की शिकायत पर यह दल तुरंत कार्रवाई करेगा।
कैसे काम करेगी अभया ब्रिगेड?
- प्रत्येक टीम की कमान महिला पुलिस उपनिरीक्षक (SI) के हाथ में होगी।
- टीम में 3 सिपाही—1 महिला और 2 पुरुष शामिल होंगे।
- सभी टीमों को स्कूटी/वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- मुख्यालय से इसके लिए विशेष प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जा चुका है।
पहला काम: संवेदनशील स्थानों की पहचान
ब्रिगेड सबसे पहले थाना क्षेत्र में उन जगहों को चिन्हित करेगी जहां छात्राओं व महिलाओं के साथ छेड़खानी की आशंका अधिक रहती है। इनमें शामिल हैं—
- स्कूल–कॉलेज व छात्रावास
- कोचिंग सेंटर के आसपास
- निर्जन रास्ते
- मॉल, बाजार, धार्मिक स्थल
- रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले चौराहे
वर्दी और सादे लिबास—दोनों में तैनाती
पुलिस दल वर्दी और सादे कपड़ों में ऐसे क्षेत्रों में मौजूद रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
- मौके पर ही आरोपियों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- बार-बार अपराध में पकड़े जाने पर आरोपी का नाम गुंडा पंजी में दर्ज किया जाएगा।
नाबालिग आरोपितों के लिए अलग प्रक्रिया
- पहली बार पकड़े जाने पर काउंसिलिंग होगी।
- दोबारा पकड़े जाने पर SIR रिपोर्ट तैयार कर मामला किशोर न्याय बोर्ड (JJB) को सौंपा जाएगा।
शिक्षण संस्थानों से सीधा संवाद
अभया ब्रिगेड नियमित तौर पर
- प्राचार्यों
- शिक्षकों
- वार्डनों
- कोचिंग संचालकों
से संवाद बनाए रखेगी।
छात्राओं को डायल-112 की जानकारी दी जाएगी और सुरक्षा जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
कड़ी मॉनिटरिंग और जवाबदेही
- हर दिन अभियान से पहले थाने में ब्रीफिंग होगी।
- SDPO ब्रिगेड की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।
- SP स्तर पर भी लगातार निगरानी होगी।
- लापरवाही मिलने पर थानाध्यक्ष और SDPO जिम्मेदार होंगे।
हर महीने रिपोर्ट अनिवार्य
- हर माह की 15 तारीख से पहले अभया ब्रिगेड की ATR रिपोर्ट कमजोर वर्ग एवं अपराध अनुसंधान विभाग को भेजनी होगी।
अवैध खनन, जमीन माफिया और यातायात पर भी सख्ती
सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया—
- अवैध खनन पर रियल-टाइम निगरानी तंत्र बनाएं
- गलत जमीन खरीद-फरोख्त रोकने के लिए विशेष मैकेनिज्म तैयार करें
- 3 महीने के अंदर पूरे राज्य की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करें
- उद्यमियों के साथ हर महीने बैठक कर समस्याओं का समाधान करें
गृह मंत्री का सख्त संदेश
सम्राट चौधरी ने कहा—
“एनडीए सरकार जमीन माफिया, बालू माफिया और शराब माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। छेड़खानी रोकने और मनचलों पर अंकुश लगाने के लिए अभया ब्रिगेड का गठन किया जा रहा है।”
उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा—
“बिहार अपराधियों के लिए नहीं है। जो कानून तोड़ेगा, या तो सुधरेगा या राज्य छोड़ना होगा।”


