भागलपुर समाहरणालय में आपदा प्रबंधन व अग्निशमन सुरक्षा को लेकर संयुक्त मॉकड्रिल, कर्मियों को आपात स्थिति से निपटने का दिया गया प्रशिक्षण

भागलपुर:किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और प्रशासनिक अमले को सतर्क एवं तैयार रखने के उद्देश्य से गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को भागलपुर समाहरणालय परिसर, सुल्तानगंज प्रखंड परिसर एवं इस्माइलपुर प्रखंड परिसर में आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन सुरक्षा को लेकर संयुक्त मॉकड्रिल का आयोजन किया गया।

यह मॉकड्रिल दोपहर 12:30 बजे वरीय उप समाहर्ता अंकित चौधरी के नेतृत्व में आयोजित की गई। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और नुकसान को न्यूनतम करने के लिए कर्मियों एवं स्वयंसेवकों को व्यावहारिक रूप से तैयार करना था।

मॉकड्रिल में प्रशिक्षित आपदा मित्र (स्वयंसेवक) तथा अग्निशमन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से भाग लिया। जैसे ही सायरन बजा, कार्यालयों में मौजूद कर्मियों को योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास कराया गया। इस दौरान कर्मियों को भूकंप, अगलगी एवं अन्य आपदाओं के समय अपनाई जाने वाली सुरक्षा तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से “झुको, ढको और पकड़ो” जैसी आवश्यक सावधानियों को अपनाने का अभ्यास कराया गया, ताकि आपदा के समय जान-माल की क्षति से बचा जा सके।

अग्निशमन यंत्रों के उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन
अग्निशमन विभाग की टीम ने आग लगने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और आग पर नियंत्रण पाने के तरीकों का लाइव प्रदर्शन किया। आग बुझाने वाले यंत्रों के सही उपयोग के लिए ‘पास (PASS) तकनीक’ को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर आम लोग भी इसका प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।

खोज एवं बचाव अभ्यास भी कराया गया
मॉकड्रिल के दौरान खोज और बचाव अभ्यास के तहत आपदा मित्रों ने घायल व्यक्तियों को इमारत से सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर वरीय उप समाहर्ता अंकित चौधरी ने कहा कि आपदाएं कभी भी बिना सूचना के आ सकती हैं। ऐसे में पूर्व तैयारी और नियमित अभ्यास ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉकड्रिल से वास्तविक आपदा के समय घबराहट कम होती है और प्रशासनिक तंत्र अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर पाता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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