बांका | 02 मार्च, 2026
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- शर्मनाक: बांका जिले में मासूमियत तार-तार, 2 साल की बच्ची बनी हवस का शिकार।
- हैवानियत: दुष्कर्म के बाद कपड़े से मुंह दबाकर की गई मासूम की हत्या।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने दो नाबालिग आरोपियों को दबोचा, जुर्म कबूला।
- तनाव: घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश, भारी पुलिस बल तैनात।
बांका: बिहार के बांका जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा फट जाए। यहाँ ‘इंसान’ के वेश में छिपे दो दरिंदों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। महज 2 साल की एक नन्हीं सी बच्ची, जिसे अभी ठीक से बोलना भी नहीं आता था, उसे सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले भी कोई और नहीं, बल्कि दो नाबालिग लड़के हैं।
खेलने के बहाने ले गए और फिर बुझा दिया घर का चिराग
जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची अपने नानी के घर आई हुई थी। शुक्रवार की शाम जब वह घर के बाहर बेफिक्र होकर खेल रही थी, तभी गांव के ही दो नाबालिग लड़कों की नजर उस पर पड़ी। वे उसे खेलने के बहाने बहला-फुसलाकर गांव से दूर एक सुनसान जगह पर ले गए। वहां दोनों ने बारी-बारी से मासूम के साथ घिनौनी हरकत की।
पकड़े जाने के डर से घोंट दिया मासूम का दम
दरिंदगी के दौरान जब मासूम बच्ची दर्द से कराह उठी और चीखने-चिल्लाने की कोशिश की, तो पकड़े जाने के डर से हैवानों ने उसके मुंह को कपड़े से जोर से दबा दिया। कुछ ही पलों में दम घुटने के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद, दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने के इरादे से मासूम के शव को सड़क किनारे फेंक दिया और वहां से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सलाखों के पीछे पहुँचे ‘बाल अपराधी’
बच्ची के काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तभी ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक बच्ची का शव पड़े होने की सूचना दी। शव की हालत देखकर ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू की।
- स्वीकारोक्ति: शक के आधार पर पुलिस ने गांव के ही दो नाबालिगों को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।
- कार्रवाई: पुलिस ने दोनों आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया है। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।
VOB का नजरिया: समाज और संस्कार पर बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि हमारे समाज के गिरते स्तर का आईना है। जब नाबालिग ही इतने जघन्य अपराध करने लगें, तो सोचना होगा कि संस्कार और सुरक्षा में चूक कहाँ हो रही है। बांका के इस गांव में अभी भी तनाव का माहौल है और पीड़ित परिवार आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा है।


