
पटना (बिहार): बिहार सरकार ने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मोकामा शहर में तिरुपति की तर्ज पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए 10.11 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित कर दी है। इस मंदिर के निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी तिरूमला तिरुपति देवस्थानम् (TTD) को सौंपी गई है।
10 एकड़ भूमि का हस्तांतरण
पटना जिले के मोकामा में आधुनिक सुविधाओं से युक्त समेकित सांस्कृतिक, धार्मिक एवं पर्यटकीय स्थल के लिए पथ निर्माण विभाग की भूमि को पर्यटन विभाग को निःशुल्क सौंप दिया गया है। इस परियोजना के तहत मंदिर के साथ-साथ अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक ढांचे भी विकसित किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि गंगा नदी के किनारे स्थित मोकामा प्राचीन काल से अंग, मगध और मिथिला तीनों जनपदों के संगम स्थल के रूप में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है। इसके पास स्थित सिमरिया घाट पर अर्धकुंभ मेला भी आयोजित होता है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा,
“इस परियोजना के निर्माण और प्रबंधन का संपूर्ण व्यय तिरूमला तिरुपति देवस्थानम् उठाएगा। राज्य सरकार भूमि को 99 साल की लीज पर मात्र 1 रुपये के टोकन शुल्क पर उपलब्ध कराएगी।”
तिरुपति ट्रस्ट की भूमिका
तिरूमला तिरुपति देवस्थानम् (TTD) न केवल तिरुपति के प्राचीन देवस्थानों का प्रबंधन करता है बल्कि विभिन्न राज्यों में मंदिर, वेदपाठशाला, विश्वविद्यालय, अस्पताल और सामाजिक संस्थान भी संचालित करता है। इस वजह से इसे मंदिर निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार धार्मिक पर्यटन को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है।
- 8 अगस्त को गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में लगभग 1,000 करोड़ की लागत से माता सीता मंदिर का भूमिपूजन किया था।
- 29 जुलाई को 550 करोड़ की लागत से वैशाली में बुद्ध स्मृति स्तूप का उद्घाटन किया गया।
अब मोकामा में तिरुपति मंदिर बनने से यहां का सामाजिक-आर्थिक विकास होगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर
इस परियोजना के पूरा होने के बाद मोकामा को गया स्थित विष्णुपद मंदिर, सीतामढ़ी का मां जानकी मंदिर पुनौराधाम और अन्य धार्मिक स्थलों से जोड़कर एक धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।


