पैसों की जरूरत ने बनाया अपराधी, फाइनेंस कर्मी गिरफ्तार
भागलपुर। सजौर थाना क्षेत्र में लूट के नाम पर रचा गया फर्जीवाड़ा आखिरकार पुलिस जांच में बेनकाब हो गया। निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत सिंकू कुमार ने 20 नवंबर को दरियापुर गांव से कलेक्शन कर लौटते वक्त लूट की कहानी गढ़ी थी, लेकिन वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि जिस युवक ने लूट की शिकायत की थी, वही पूरी घटना का मास्टरमाइंड निकला।
क्या था मामला
20 नवंबर को सिंकू कुमार ने सजौर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि दरियापुर गांव से कलेक्शन कर लौटते समय अज्ञात बदमाशों ने उससे 1 लाख 32 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
तकनीकी जांच में खुली पोल
विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने कॉल डिटेल, लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान कई तथ्यों में विरोधाभास सामने आया, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।
जब सख्ती से पूछताछ की गई तो सिंकू कुमार टूट गया और उसने सच्चाई कबूल कर ली।
पैसों की जरूरत में रची साजिश
पुलिस के अनुसार सिंकू कुमार को पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी वजह से उसने खुद ही लूट की झूठी कहानी बनाई और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने उसके घर से वही मोबाइल फोन बरामद कर लिया है, जिसे उसने लूट में छीने जाने की बात कही थी।
आरोपी गिरफ्तार, आगे की कार्रवाई जारी
पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सिंकू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर झूठी सूचना देने, पुलिस को गुमराह करने और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति झूठी कहानी बनाकर कानून को गुमराह न कर सके।


