शेखपुरा, 21 जुलाई: बिहार के शेखपुरा जिले में सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस ने एक बड़े सॉल्वर गिरोह का पर्दाफाश किया है। रविवार को हुई परीक्षा के दौरान तीन परीक्षा केंद्रों से गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड गोरलाल यादव नवादा से पकड़ा गया।
प्रमुख बिंदु :
- 15 गिरफ्तार, 3 फरार: गिरोह के कुल 18 सदस्यों में से 15 पकड़े गए, बाकी की तलाश जारी है।
- गुप्त सूचना पर कार्रवाई: पुलिस को मिली गुप्त सूचना के बाद एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने विशेष टीम बनाकर कार्रवाई शुरू की।
- तीन केंद्रों पर छापेमारी:
- इस्लामिया हाई स्कूल
- डीएम हाई स्कूल
- उषा पब्लिक स्कूल
- बरामद सामग्री:
- 12 मोबाइल
- 4 फर्जी आधार कार्ड
- फर्जी पहचान पत्र
- पर्चियां, एडमिट कार्ड, नक़ल सामग्री
कैसे काम करता था गिरोह?
एसपी के अनुसार, गिरोह 3 लाख रुपये में उम्मीदवार को पास कराने का सौदा करता था। इसमें आधी रकम परीक्षा के दौरान और आधी चयन के बाद ली जाती थी।
बायोमेट्रिक ऑपरेटर की मिलीभगत से फर्जी परीक्षार्थियों की एंट्री करवाई जाती थी।
सुपरवाइजर प्रश्नपत्र की वीडियो गिरोह तक पहुंचाते थे, जहां से हल बनाकर अंसर शीट के जरिए परीक्षार्थी को उत्तर भेजे जाते थे।
मुख्य आरोपी और उनकी पहचान:
- गोरलाल यादव – मास्टरमाइंड, निवासी – हरिनारायणपुर, नवादा
- प्रह्लाद कुमार उर्फ कमांडो – दूसरे नंबर का संचालक, निवासी – बभनबीघा, बरबीघा
- अन्य गिरफ्तार आरोपी:
- सचिन कुमार
- नीतीश कुमार
- अवतार कुमार
- सुधीर कुमार
- सिकंदर कुमार
- चिंटू कुमार
- आदित्य कुमार
- धर्मेंद्र कुमार
- अमरजीत कुमार
- अभिषेक कुमार
- अमोद कुमार
- प्रीति कुमारी, पूनम कुमारी (दो महिला आरोपी)
कंपनी की भूमिका भी जांच के घेरे में
परीक्षा में बायोमेट्रिक ऑपरेटर और सुपरवाइजरों की नियुक्ति टीसीएस (TCS) कंपनी द्वारा की गई थी। एसपी ने कंपनी की भूमिका को भी संदिग्ध बताया और कहा कि जांच जारी है।
“इस सॉल्वर गैंग ने बड़े स्तर पर परीक्षा में सेंध लगाने की योजना बना रखी थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया है।”
— बलिराम कुमार चौधरी, एसपी, शेखपुरा


