बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार भागलपुर के गोराडीह प्रखंड स्थित पिथना में 560 बेड क्षमता वाला बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय बनाने जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में अल्पसंख्यक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2.90 एकड़ में बनेगा कैंपस, 53.45 करोड़ की लागत
स्कूल के निर्माण के लिए 2.90 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। परियोजना पर कुल 53.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
टेंडर प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। एजेंसी चयनित होने के बाद निर्माण कार्य बिहार राज्य भवन निर्माण निगम की निगरानी में शुरू किया जाएगा। चयनित एजेंसी को 18 महीनों के भीतर पूरा स्कूल तैयार करना होगा।
9वीं से 12वीं तक पढ़ाई, प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षा
इस आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा उपलब्ध होगी। प्रवेश के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसका संचालन हज भवन द्वारा किया जाता है।
शुरुआत में यहां 10वीं तक की कक्षाएं शुरू होंगी और बाद में इसे 12वीं तक विस्तारित किया जाएगा।
फिलहाल दरभंगा, अररिया और किशनगंज में ऐसे आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। साथ ही, 28 अन्य जिलों में भी नए विद्यालयों की स्वीकृति दी जा चुकी है।
“प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए”
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सहायक निदेशक रतन ने बताया कि यह विद्यालय भागलपुर प्रमंडल सहित पूरे बिहार के प्रतिभावान अल्पसंख्यक छात्रों के लिए बड़ा अवसर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होते ही छात्रों को निःशुल्क शिक्षा, रहने-खाने और पढ़ाई की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
आवासीय विद्यालय की प्रमुख सुविधाएँ
- 560 बेड क्षमता वाला पूर्ण आवासीय कैंपस
- आधुनिक प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवन
- स्मार्ट क्लासरूम और विशाल पुस्तकालय
- अत्याधुनिक कंप्यूटर सेंटर और डिजिटल लैब
- बालक और बालिका के लिए अलग-अलग छात्रावास
- निःशुल्क शिक्षा, यूनिफॉर्म, किताबें, आवास और भोजन
- बड़ा खेल मैदान, क्रिकेट, फुटबॉल सहित अन्य खेल सुविधाएं


