भागलपुर।बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा की शुरुआत सोमवार से पूरे जिले में सख्त निगरानी और सुरक्षा के बीच हो गई। भागलपुर में 59 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा हो रही है, जिसमें करीब 40,200 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
जहां एक ओर शहर के कई केंद्रों पर फूल, चंदन-टीका और मिठाई से छात्राओं का स्वागत हुआ, वहीं दूसरी ओर एक छात्रा के लिए यह दिन जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल बन गया।
गेट पर रोती रही छात्रा, अंदर बज गई घंटी
एक परीक्षा केंद्र पर छात्रा कुछ ही मिनट लेट पहुंची। लेकिन नियमों के अनुसार गेट बंद हो चुका था। वह बार-बार गिड़गिड़ाती रही, पर केंद्र के गेट नहीं खुले। कुछ ही देर में वह फूट-फूट कर रोने लगी। उसके साथ आए परिजन भी बेबस नजर आए। आखिरकार छात्रा रोते हुए अपने घर लौट गई।
फूलों से स्वागत, कड़ी जांच
भागलपुर में इस बार चार आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं—
- टीएनबी कॉलेजिएट इंटर स्कूल
- इंटर स्तरीय सरसहाय विद्यालय, कहलगांव
- श्याम सुंदर विद्या निकेतन
- सीसी बालिका उच्च विद्यालय
इन केंद्रों को फूलों और बैलून से सजाया गया। प्रवेश के समय छात्राओं को फूल, चंदन-टीका और मिठाई देकर तनाव कम करने की कोशिश की गई।
तीन स्तर की जांच, सीसीटीवी से निगरानी
परीक्षार्थियों की
- गेट पर तलाशी
- हॉल में प्रवेश से पहले जांच
- उड़नदस्ता द्वारा औचक निरीक्षण
किया गया। पूरे केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
डीएम का सख्त संदेश
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने सभी केंद्राधीक्षकों को साफ निर्देश दिया है कि नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई होगी।
एक तरफ फूलों की खुशबू थी, दूसरी तरफ आंसुओं की चुभन…
यह दिन कई छात्राओं के लिए यादगार रहा, तो किसी के लिए एक कड़वी याद बन गया।


