‘मंत्री AC कमरों से बाहर आएं…’ IAS कोचिंग की घटना पर भड़का छात्रों का गुस्सा; पुलिस ने मालिक-समन्वयक को हिरासत में लिया

राजधानी दिल्ली के राजेंद्र नगर में स्थित एक आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बारिश का पानी भर गया, जिसमें डूबने से 3 छात्राओं की मौत हो गई। शनिवार रात को हुए इस हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। दिल्ली सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। एएनआई के अनुसार रविवार सुबह भी बेसमेंट में पानी भरने के बाद बचाव और राहत कार्य जारी है।

वहीं मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीसीपी सेंट्रल जोन एम हर्षवर्धन ने कहा कि बीएनएस की धारा 105, 106 (1), 115 (2), 290 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला कोचिंग संस्थान और बिल्डिंग के प्रबंधन और उन लोगों के खिलाफ है जो उस जगह के नाले के रख-रखाव के लिए जिम्मेदार थे। अभी तक हमने उस कोचिंग सेंटर के मालिक और समन्वयक को हिरासत में लिया है। हमारी फोरेंसिक टीमें यहां पर हैं। सबूत जुटाए जा रहे हैं। डीसीपी ने बताया कि 3 शव बरामद करने के साथ ही 13 से 14 छात्रों को बचा लिया गया है। वे सभी ठीक हैं। वहीं 3 छात्रों को हाॅस्पिटल भेजा गया है।

80 प्रतिशत लाइब्रेरी बेसमेंट में हैं

बेसमेंट में पानी भरने और तीन छात्राओं की मौत के बाद एमसीडी और दिल्ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक छात्र ने कहा कि यहां 80ः लाइब्रेरी बेसमेंट में हैं। 10 मिनट की बारिश में यहां पानी भर जाता है। एमसीडी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

घटना की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं-छात्र

3 छात्रों की मौत के बाद स्थानीय छात्रों में दिल्ली सरकार और एमसीडी के प्रति जबरदस्त गुस्सा है। प्रदर्शन कर रहे एक अन्य छात्र ने मंत्री आतिशी के मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उसने कहा कि इस घटना की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार से कोई यहां आए और उन सभी छात्रों की जिम्मेदारी ले जो अपनी जान गंवा चुके हैं। वे अपने एसी कमरों से ट्वीट करके या पत्र लिखकर किसी का भविष्य कैसे सुधार रहे हैं?

राजनीति की जरूरत नहीं- दुर्गेश पाठक

ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना पर आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा यह लो-लाइन एरिया है। इस लाइन से पानी बहता है। नाला या सीवर टूट गया है और पानी बेसमेंट में भर गया है। टीमें अपना काम कर रही हैं। भाजपा को भी जवाब देना चाहिए कि उन्होंने क्या किया? पिछले 15 सालों से वे पार्षद हैं, फिर भी नाला क्यों नहीं बनवाया। एक साल में सारे नाले नहीं बन सकते। राजनीति की कोई जरूरत नहीं है, अभी महत्वपूर्ण बच्चों की जान है।

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