‘जंगलराज की परिभाषा पिता जी से पूछ लेते तो ज्यादा अच्छा होता’, गिरिराज ने विपक्ष के प्रतिरोध मार्च पर तेजस्वी को लिया आड़े हाथ

वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी के पिता जीतन हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और हत्याकांड के कारणों का भी खुलासा कर दिया है, लेकिन इस हत्याकांड को लेकर बिहार की सियासत में उठा उफान और तेज हो चला है. बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए महागठबंधन ने 20 जुलाई को पूरे प्रदेश में प्रतिरोध मार्च का एलान किया तो NDA नेताओं ने जोरदार पलटवार किया।

‘पिता जी से पूछ लें जंगलराज की परिभाषा’ : महागठबंधन के प्रतिरोध मार्च पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “चलनी हंसे सूप को जिसमें खुद हजारों छेद हैं. जंगलराज की परिभाषा पिताजी से पूछ लेते तो ज्यादा अच्छा होता. जब लोग शाम को 7 बजते ही घर चले आते थे. जरा पिताजी से पूछ लें पुत्र महोदय. लालू जी ! मेरे पप्पा क्या थी जंगलराज की परिभाषा ?”

परिवहन मंत्री शीला मंडल ने भी साधा निशानाः वहीं बिहार सरकार की परिवहन मंत्री और जेडीयू नेता शीला मंडल ने भी कानून-व्यवस्था लेकर उठाए जा रहे सवाल पर विपक्ष को खरी-खोटी सुनाई. शीला मंडन ने कहा कि ” बिहार में कानून का राज है. हमारे नेता न किसी को बचाते हैं और न किसी को फंसाते हैं. जो अपराध करता है वो बचता नहीं है बल्कि तुरंत उस पर एक्शन लिया जाता है.”

“वो क्या कहते हैं उसको छोड़िये ! किसी पर अंगुली उठाने से पहले वो अपने गिरेबान में झांककर देखें कि बिहार में पहले क्या स्थिति थी ? हम भी महिला हैं. हमलोग कहीं निकलते थे तो कितनी भयावह स्थिति रहती थी. किसी की बेटी-बहू यहां तक कि पति भी ड्यूटी पर जाता था तो लोगों को लगता था कि क्या होगा ? लेकिन अब तो ऐसी कोई बात नहीं है. अब तो जहां कहीं भी अपराध होता है तो एक्शन होता है.”-शीला मंडल, परिवहन मंत्री, बिहार सरकार

INDI गठबंधन ने किया प्रतिरोध मार्च का एलानः बता दें कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष हमलावर है और INDI गठबंधन ने इस मुद्दे को लेकर 20 जुलाई को पूरे बिहार में प्रतिरोध मार्च का एलान किया है. इस दौरान हर जिला मुख्यालय पर INDI गठबंधन प्रदर्शन करेगा और जिलाधिकारी को ज्ञापन देगा।

ये भी पढ़े..

जीविका में 2,446 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- हर गरीब परिवार तक रोजगार और सशक्तिकरण पहुंचाना लक्ष्य

Share Add as a preferred…

लोकसभा में TMC के 20 बागी सांसदों को नहीं मिली अलग दल की मान्यता, सदन में अलग बैठने की मांग भी खारिज

Share Add as a preferred…