घरवालों ने मरा समझ छोड़ दिया था ढूंढना,11 वर्षों बाद परिवार से मिली समीना

पटना:साल 2012 में अपने परिवार से बिछड़ी समीना खातून को रविवार को पटना जिला प्रशासन के सहयोग से उसके घरवालों से मिलाया गया। समीना हाल ही में कोईलवर हॉस्पिटल गई थी, जहां के अधीक्षक ने इलाज के बाद उसे राजीवनगर स्थित वृद्धाश्रम भेज दिया था। सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक स्नेहा कुमारी ने काउंसिलिंग कराई तो पता चला कि वह लंबे समय से अपने परिवार से बिछड़ गई है। समीना मूल रूप से मोतिहारी जिले के लखौरा की रहने वाली है। वहां के प्रशासन से संपर्क करने के बाद महिला को उसे घर पहुंचा दिया गया।

महिला केवल मोतिहारी की रहने वाली बता रही थी लेकिन उसे नहीं पता था कि घर कहां है। इसे लेकर मोतिहारी के कई थाना प्रभारियों से बातचीत की गई। बहुत काउंसिलिंग के बाद पता चला कि वह मोतिहारी के लखौरा की रहने वाली है। मोतिहारी जिला प्रशासन से संपर्क करने के बाद लखौरा थानाध्यक्ष के सहयोग से महिला को उसके परिजनों से मिलाया गया। सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक ने बताया कि परिवार वाले उसके घर लौटने की आस छोड़ चुके थे। अभी वह 45 साल की है। उनका यह भी कहना था कि वे मान चुके थे कि वह मर गई है। महिला को पति और गांव के वार्ड पार्षद के सुपूर्द किया गया। परिवार में खुशी का माहौल है।

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