बिहार की आठ VVIP लोकसभा सीटों पर आया चौंकाने वाले आकड़े, चौबे समेत इन नेताओं की बढ़ सकती है मुश्किलें; इनके लिए अच्छी खबर

देश में लोकसभा चुनाव में अब महज चार से पांच महीने का समय बचा हुआ है। ऐसे में देश के अंदर जितनी भी छोटी- बड़ी पार्टी है वो अब अपनी चुनावी रणनीति को अंजाम देने में जूट गई है। इतना ही नहीं कई राजनीतिक दल अकेले या गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं का फीडबैक भी ले रहे हैं और यह मालूम करने में लगे हैं की इस बार उनका क्या हाल होना है। ऐसे में कुछ वीवीआईपी नेता को लेकर जो सर्वें आया है उसके मुताबिक कुछ लोगों की मुश्किल बढ़ने वाली है तो कुछ लोगों को ग्रीन सिग्नल मिल गया है।

दरअसल, अगले साल लोकसभा का चुनाव होना है और ऐसे में सभी पार्टी की नजर इस बार बिहार पर है। इसकी वजह यह है कि यहां के ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एकजुट करने की पहल की थी। यही वजह है कि केंद्र की मोदी सरकार के बड़े – बड़े नेता का भी बिहार दौरा हो रहा है और फीडबैक हासिल हो गया।

बताया जाता है कि, बिहार की आठ वीवीआईपी सीटों पर सर्वे किया गया है। इनमें बेगूसराय, पाटलिपुत्र, बक्सर, हाजीपुर, जमुई, उजियारपुर, पूर्वी चंपारण और आरा शामिल है। इस सर्वे में इन सीटों को चार कैटेगरी में बांटा गया है। ऐसे में ग्रीन, ऑरेंज, येलो और लाल. कैटेगरी के जरिए समझिए कि इन वीवीआईपी सीटों से कौन बड़े अंतर से आगे रहने वाला है और किसकी कुर्सी खतरे में है।

सबसे पहले आपको यह बता दें कि यहां ग्रीन का मतलब बड़े अंतर से आगे,ऑरेंज का मतलब ठीक-ठाक अंतर से आगे और येलो का मतलब कम अंतर से आगे जबकि लाल का मतलब खतरा यानी सीट जाने का डर है। अब ऐसे में जिन आठ बड़े और मजबूत छवि के नेता का सर्वे करवाया है उनमें से कुछ पर खतरा मंडरा रहा है तो कुछ लोग आसानी से जीत हासिल कर रहे हैं।

अब बिहार की जिन VVIP सीटों और नेता का ओपिनियन पोल निकाला गया है उसमें पहले नंबर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (बेगूसराय) को ऑरेंज कैटेगरी में रखा गया है। मतलब ये ठीक -ठाक अंतर से अपनी सीट निकाल लेंगे। इसके बाद नंबर आता है एक और केंद्रीय मंत्री यानी पशुपति कुमार पारस का तो ये हाजीपुर सीट से येलो कैटेगरी में हैं यानी कम अंतर से आगे होंगे। यानी इनको अधिक मेहनत करनी होगी वरना अपनी सीट गंवा सकते हैं। इसके बाद केंद्र में शामिल बिहार के आरा सीट के सांसद आरके सिंह की बात करें तो ये ग्रीन कैटेगरी के माने जा रहे हैं यानी बड़े ही आसानी से यह अपनी सीट जीत लेंगे।

वहीं, बात करें बक्सर के सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अश्वनी चौबे की तो ये अपनी सीट से वर्तमान में येलो कैटेगरी में हैं में हैं यानी बेहद ही कम अंतर से आगे होंगे। इसके बाद जो नंबर आता है उसमें रामकृपाल यादव का पाटलिपुत्र सीट शामिल है और यहां इनके के लिए काफी बुरी खबर है। इसकी वजह यह है कि इनकी सीट को रेड कैटेगरी में रखा गया है यानी ये अपने सीट हार है। इसके बाद जमुई सीट के सांसद चिराग पासवान ग्रीन कैटेगरी में हैं यानी बड़े ही आसानी से जीत हासिल कर रहे हैं। जबकि नित्यानंद राय (उजियारपुर) को येलो कैटेगरी में रखा गया है। यानी इनको भी काफी मेहनत करनी होगी वरना सीट से हाथ धोना पड़ सकता है। इसके अलावा राधामोहन सिंह (पूर्वी चंपारण) को भी येलो कैटेगरी में रखा गया है।

उधर, राजनीतिक पार्टियां 2024 के चुनाव को देखते हुए तैयारियों में जुट गई हैं। हर दल रणनीति बनाने में लगा है। ऐसे में अब जो तस्वीरें सामने आ रही हैं। उसमें आठ सीटों को आप देखेंगे तो सिर्फ चिराग पासवान और आरके सिंह ही ग्रीन जोन में हैं। बाकी रामकृपाल यादव की कुर्सी रेड जोन में है। बता दें कि इस सर्वे में संबंधित क्षेत्र के वोटरों की राय शामिल है।

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