लारेब हाशमी का चौंकाने वाला कबूलनामा; तालिबानी वीडियो से प्रेरित होकर गर्दन गर्दन काटने का ‘प्रैक्टिस’ किया

प्रयागराज में हुए कंडक्टर पर हमले में आए नए खुलासे ने साबित किया है कि लारेब हाशमी की जिंदगी में पाकिस्तानी मौलाना का बड़ा हाथ है। अब यह सामने आया है कि उसने तालिबानी वीडियो देखकर गर्दन काटने का प्रैक्टिस किया था। इस खबर में हम आपको इस घटना की अधिक जानकारी देंगे।

तालिबानी वीडियो का प्रभाव

लारेब हाशमी ने पुलिस से किया खुलासा कि उसने एक पाकिस्तानी मौलाना के वीडियो से प्रभावित होकर गर्दन काटने की प्रैक्टिस की थी। उसने कहा, “मैं उस दिनों बहुत दुखी था और मैंने उसे अल्लाह के पास पहुंचाना चाहा।” इस प्रभाव के बाद उसने कंडक्टर को गर्दन काटने का अभ्यास किया।

पाकिस्तानी मौलाना से प्रभावित

लारेब हाशमी का खुलासा है कि उसे एक पाकिस्तानी मौलाना से प्रभावित होकर यह आतंकवादी हमला करने का विचार किया था। वह उस मौलाना के वीडियो सुनता था और उसके विचारों से प्रभावित होता था। पाकिस्तानी मौलाना के सवाल पर लारेब हाशमी ने कहा कि बरेलवी हैं, इसलिए उनको मानते हैं, वो पंजाबी बोलते हैं.

उनकी आडियोलॉजी हम लोगों को मिलती है. लारेब ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हां मैंने ही उसे सबक सिखाया है. वह मुझे मेरी दोस्तों के सामने बेइज्जत कर रहा था. इसीलिए मैं उसको अल्लाह के पास पहुंचना चाहता था. मैंने वीडियो इसलिए बनाया कि लोगों को पता चल सके कि मैंने उसे क्यों मारा.

बदला लेने की साजिश

लारेब के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि इस हमले की साजिश को पहले ही बदले लेने की योजना बना रखी गई थी। उसने हमले से पहले अपने व्हाट्सएप स्टेटस को बदला लेने की धमकी दी थी। लारेब हाशमी को एसआरएन अस्पताल में इलाज किया जा रहा है, और उसे 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। उसकी गंभीरता को देखते हुए उसे जेल नहीं भेजा गया है।

लारेब हाशमी ने पुलिस को बताया कि वह इस कंडक्टर को सबक सिखाने का इरादा रखता था और कंडक्टर ने उसे बेइज्जत किया था। “कंडक्टर ने मुझे जातिसूचक शब्द बोले थे. उसके बाद दो दिन तक मैं सो नहीं पाया था. रात भर मुझे बेइज्जती याद आती रही”. उसने कहा, “वह मुझसे अच्छे से सबक सीखना चाहता था और मैंने उसे उसकी हक़ीक़त दिखाई। यह एक बदला था, अब मुझे शांति है।”

ये भी पढ़े..

बिहार विधानसभा में सात विधेयकों पर चर्चा से लेकर TRE-4 भर्ती तक, मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में क्या-क्या हुआ?

Share Add as a preferred…

बिहार में जमीन की दाखिल-खारिज अब होगी महंगी, विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद 200 रुपये शुल्क का प्रावधान

Share Add as a preferred…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *