बिचली काली मंदिर की काली महारानी जाग्रत माता है, जाने इस दरबार की महिमा

बिहपुर: प्रखंड के झंडापुर बाजार स्थित बिचली काली मंदिर,औलियाबाद में मैया महारानी की पूजा को लेकर तैयारी जोरों पर है।वहीं हरसाल की तरह मंदिर समेत आसपास के घरों व दुकानों समेत पूरे रास्तों की भी आकर्षक साज सज्जा व रंग रोगन की जा रही है।यहां माता की पूजा का इतिहास करीब150वर्ष से भी अधिक पुराना है।पूजा कमेटी के अध्यक्ष छंगुरी सिंह,कोषाध्यक्ष शिवनंदन सिंह व महेश साह,सचिव चितरंजन कुमार रंजन बताते हैं कि यहां ग्रामीण जन सहयोग से माता के भव्य मंदिर का निर्माण 1994में किया गया है।इस बार यहां माता की पूजा 12 को पूजा व 15 नवंबर को प्रतिमा विसर्जन होगा।पंसस दारोगा प्रसाद सिंह ने बताया कि यहां माता की पूजा वैदिक विधि विधान से प्रधान पुजारी सुधाकर पाठक व आचार्य प्रजापति झा द्वारा संपादित होता है।यहां 13 व 14 नवंबर की शाम में मैया की महाआरती होगी।

 

ऐसी मान्यता है कि बिचली काली मंदिर की काली महारानी जाग्रत माता है।यहां मांगी गई मनोकामना मैया जरूर पूरी करती हैं।यही कारण है कि माता के इस दरबार की महिमा। न सिर्फ इस इलाके में बल्कि काफी दूर दूर तक है।ग्रामीण सह बिहपुर मत्स्यजीवि सहयोग समिति के अध्यक्ष अमित कुमार सुमन व शिक्षक अनिल कुमार दीपक समेत जयजय। सिंह,अच्युतानंद पाठक,रमेश कुमार सिंह,विक्रम जैन व अशोक साह आदि ने बताया कि हर साल की तरह इसबार भी माता के गर्भगृह व मंदिर परिसर की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं।

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