TRE-3 पेपर लीक में बड़ा एक्शन: EOU ने MBBS डॉक्टर को किया गिरफ्तार, संजीव मुखिया गैंग से जुड़े तार, 30 अभ्यर्थियों को होटल ले जाकर कराया था पेपर!

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एमबीबीएस डॉक्टर डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी पेपर लीक गिरोह के संपर्क में था और परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की साजिश का अहम हिस्सा था। गिरफ्तारी 27 जुलाई 2026 को आर्थिक अपराध थाना में दर्ज कांड संख्या 06/2024 की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर की गई।

संजीव मुखिया गैंग से जुड़े तार

EOU की जांच में सामने आया है कि जहानाबाद के नेहालपुर निवासी डॉ. मनीष कुमार की दोस्ती डॉ. शिव से थी, जो कथित पेपर लीक सरगना संजीव मुखिया का पुत्र है। इसी नेटवर्क के जरिए TRE-3 परीक्षा की गोपनीयता भंग कर चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश रची गई थी।

30 अभ्यर्थियों को हजारीबाग ले जाकर कराया गया पेपर

जांच के अनुसार, TRE-3 परीक्षा से दो-तीन दिन पहले डॉ. मनीष करीब 30 अभ्यर्थियों को पटना से आरक्षित वाहन में बैठाकर झारखंड के हजारीबाग स्थित कोहिनूर होटल ले गया। आरोप है कि वहां अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले कथित प्रश्नपत्र पढ़ाया गया, ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। होटल में अभ्यर्थियों को छोड़ने के बाद वह वापस पटना लौट आया।

हर अभ्यर्थी पर 50 हजार रुपये का सौदा

EOU का दावा है कि गिरोह ने डॉ. मनीष को प्रत्येक अभ्यर्थी की “सेटिंग” के बदले ₹50 हजार देने का वादा किया था। जांच एजेंसी अब इस पूरे वित्तीय नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

2021 में बना था डॉक्टर, अब जेल पहुंचा

डॉ. मनीष ने वर्ष 2021 में नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH), पटना से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद कैमूर जिले में सरकारी चिकित्सक के रूप में कार्य किया। बाद में नौकरी छोड़कर PG मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।

296 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

EOU के अनुसार, TRE-3 पेपर लीक मामले में अब तक 296 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोहों और उनसे जुड़े सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जांच के दौरान सामने आने वाले नए साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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