E20 पेट्रोल पर सियासत तेज: अरविंद केजरीवाल का ‘नेशनल टाउनहॉल’ ऐलान, सरकार से मांगे जवाब

नई दिल्ली: देश में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस नीति पर सरकार से कई सवालों के जवाब मांगे हैं। उनका कहना है कि E20 को लेकर लोगों के मन में कई शंकाएं हैं, जिनका स्पष्ट जवाब सरकार को देना चाहिए।

1 अगस्त को होगा ‘नेशनल टाउनहॉल’

अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि 1 अगस्त 2026 को E20 नीति पर ‘नेशनल टाउनहॉल’ आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आम नागरिक, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ और इस नीति से प्रभावित लोग अपनी राय रख सकेंगे।

दिल्ली-एनसीआर के लोग कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे, जबकि देशभर के अन्य लोग ऑनलाइन माध्यम से जुड़ सकेंगे।

ऑनलाइन याचिका को 2 लाख लोगों का समर्थन

केजरीवाल ने दावा किया कि E20 नीति के विरोध में उनकी पार्टी द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन याचिका को अब तक करीब दो लाख लोगों का समर्थन मिल चुका है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से मिले सुझावों और लोगों की चिंताओं को प्रधानमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने सरकार से अपील की कि E20 नीति को लेकर जनता की आशंकाओं को गंभीरता से सुना जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि इसका आम उपभोक्ताओं और वाहनों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

E20 नीति पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार का कहना है कि इस नीति से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और गन्ना किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कई बार इस नीति का समर्थन कर चुके हैं और इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

विपक्ष और विशेषज्ञों ने उठाए सवाल

वहीं विपक्ष और कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि E20 ईंधन के व्यापक इस्तेमाल से पुराने वाहनों में इंजन संबंधी समस्याएं, माइलेज में कमी और इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने की खेती में अधिक पानी की आवश्यकता जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

अब E20 नीति को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस और तेज होने की संभावना है। ऐसे में 1 अगस्त को प्रस्तावित ‘नेशनल टाउनहॉल’ और सरकार की आगामी प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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