छात्रों की जीत! बिहार सरकार ने NEET आंदोलन से जुड़े सभी FIR वापस लेने का किया ऐलान

पटना: बिहार सरकार ने सोमवार को बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए NEET-UG परीक्षा के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने की घोषणा की है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन आंदोलनों से जुड़े छात्रों के खिलाफ भविष्य में किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सरकार के अनुसार, 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

छात्रों के भविष्य को देखते हुए लिया गया फैसला

सरकार की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में बिहार के विभिन्न जिलों में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज सभी एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाइयों को वापस लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह निर्णय छात्रों की शिक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि उनके करियर पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुए थे मामले

गौरतलब है कि NEET-UG विवाद के दौरान बिहार के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए थे। कुछ स्थानों पर तनाव, झड़प और हिंसा की घटनाओं के बाद पुलिस ने छात्रों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अवैध जमावड़ा सहित विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए थे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई समीक्षा

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी लंबित मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा,

“छात्र हमारे भविष्य हैं। NEET आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। सभी लंबित मामले तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएंगे और भविष्य में भी इन छात्रों के खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

छात्र संगठनों और अभिभावकों में राहत

सरकार के इस फैसले के बाद छात्र संगठनों और अभिभावकों में राहत की लहर है। कई छात्र नेताओं ने इसे युवाओं के हित में लिया गया सकारात्मक कदम बताते हुए स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और व्यापक सुधार की मांग भी दोहराई है।

सरकार की अपील

सरकार ने छात्रों से अपील की है कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें और किसी भी प्रकार के हिंसक आंदोलन से दूर रहें। साथ ही परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लोकतांत्रिक और वैधानिक माध्यमों से अपने सुझाव देने का आग्रह किया गया है।

इस फैसले से राज्य के हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब संबंधित जिलों के थानों में दर्ज मामलों को औपचारिक रूप से वापस लेने की प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    बांकीपुर में BJP का दमखम: नितिन नवीन बोले- ‘मेरे घर को भेदना इतना आसान नहीं’

    Share Add as a preferred…

    बांकीपुर में BJP का शक्ति प्रदर्शन: सम्राट चौधरी-नितिन नवीन का मेगा रोड शो, नीरज सिन्हा के लिए मांगा वोट

    Share Add as a preferred…