
पटना: बांकीपुर उपचुनाव के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की संभावित एंट्री ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इस बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि CJP बिहार में छात्रों के मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था और सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आंदोलन करती है, तो उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी। उन्होंने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के युवाओं की लोकतांत्रिक जीत बताया।
‘सोनम वांगचुक मेरे मित्र हैं, CJP का समर्थन करेंगे’
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने कहा कि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक उनके पुराने मित्र हैं और वे CJP के मंच से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि CJP बिहार में छात्रों के हितों के लिए संघर्ष करती है, तो जन सुराज उसका स्वागत करेगा और हरसंभव सहयोग देगा।
उन्होंने कहा, “अगर CJP के लोग बिहार आते हैं और छात्रों के साथ मिलकर उनके मुद्दों पर काम करते हैं, तो हम उनका पूरा समर्थन करेंगे।”
‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की ताकत का प्रमाण’
प्रशांत किशोर ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी एक संगठन की जीत नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं की सामूहिक ताकत का परिणाम है। उनके अनुसार इस घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में संगठित जनदबाव से सरकार को भी जवाबदेह होना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और अब शासन में जवाबदेही की नई परंपरा शुरू हुई है।
‘यह सिर्फ शुरुआत है, अब जवाबदेही तय होगी’
प्रशांत किशोर ने कहा कि दिल्ली में हुआ आंदोलन किसी एक नेता या संगठन का नहीं था, बल्कि उन लाखों युवाओं की आवाज था जो पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों से परेशान हैं।
उन्होंने कहा, “यह तो सिर्फ शुरुआत है। जवाबदेही की जो परंपरा शुरू हुई है, वह अब रुकने वाली नहीं है। अब देखना है कि अगली बारी किसकी होती है।”
शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा सुधार तब तक संभव नहीं है, जब तक सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं बनाएगी। उन्होंने कहा कि नए शिक्षा मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, विश्वसनीय और पेपर लीक जैसी घटनाओं से मुक्त बनाना होगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिसमें छात्रों को बार-बार अनियमितताओं और परीक्षा विवादों का सामना न करना पड़े।


