
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच हुई तीसरे दौर की वार्ता के बाद संगठन ने अपना आंदोलन तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद सद्भावना के आधार पर आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया है।
जंतर-मंतर से घर लौटने की अपील
CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर खाली कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
सरकार ने किन मांगों पर दिया आश्वासन?
CJP नेताओं के अनुसार, सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। संगठन का कहना है कि:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है।
- आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया है।
- भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया है।
- NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को नियमों के तहत अधिकतम मुआवजा देने का आश्वासन दिया गया है।
“सरकार ने हमारी तीनों मांगें स्वीकार कर ली हैं”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरव दास ने कहा,
“सरकार ने हमारी तीनों प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं। हम सभी प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने घर लौट जाएं।”
लगातार कई दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा यह आंदोलन अब औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है। हालांकि, सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।


