
पटना: बिहार में बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के करीब 3.36 लाख वितरण ट्रांसफॉर्मरों के नियमित तकनीकी परीक्षण और अनुरक्षण (मेंटेनेंस) के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
विद्युत भवन, पटना में आयोजित बैठक में ऊर्जा सचिव एवं बिहार राज्य पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव समेत बिजली कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना सरकार की प्राथमिकता
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता अंतिम पायदान तक प्रत्येक उपभोक्ता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए वितरण ट्रांसफॉर्मरों, बिजली लाइनों और अन्य विद्युत संरचनाओं का समयबद्ध निरीक्षण एवं नियमित अनुरक्षण अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
ऑनलाइन होगी निरीक्षण की मॉनिटरिंग
ऊर्जा सचिव अजय यादव ने बताया कि ट्रांसफॉर्मरों और विद्युत संरचनाओं के निरीक्षण को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। मोबाइल ऐप के माध्यम से निरीक्षण और अनुरक्षण कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी तथा निर्धारित निरीक्षण प्रणाली का सभी स्तरों पर कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
हर स्तर पर तय हुआ निरीक्षण का शेड्यूल
बैठक में निर्देश दिया गया कि कनीय विद्युत अभियंता, सहायक अभियंता और कार्यपालक अभियंता नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। प्रत्येक माह 33 प्रतिशत वितरण उपकेंद्रों (DSS) का निरीक्षण कनीय अभियंता करेंगे, जबकि सहायक और कार्यपालक अभियंता भी निर्धारित प्रतिशत के अनुसार जांच करेंगे।
उपभोक्ता शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टोल फ्री नंबर 1912, सहयोग शिविर और ऑनलाइन माध्यम से मिलने वाली शिकायतों का नियमित विश्लेषण कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। कृषि फीडरों, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए।
ढीले तारों और ब्रेकडाउन पर विशेष फोकस
बैठक में सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ब्रेकडाउन की स्थिति में निर्धारित एसओपी के तहत तत्काल बिजली बहाल की जाए। साथ ही ढीले बिजली तारों को तुरंत ठीक करने और ट्रांसफॉर्मरों, 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइनों का नियमित अनुरक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि शॉर्ट सर्किट और अगलगी जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
(यह समाचार बिहार ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)


