
भागलपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत चांदपुर पंचायत के मोदीपुर गांव स्थित शीतला माता मंदिर में आयोजित नवरात्रि उत्सव धार्मिक आस्था और भक्ति के माहौल के बीच धूमधाम से संपन्न हो गया। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में लगातार 216 घंटे तक हरे राम, हरे कृष्ण नाम संकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। आयोजन के अंतिम दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरे गांव में सुबह से ही धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा और श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन नजर आए।
नवरात्रि के दौरान आयोजित इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। लगातार कई दिनों तक चले अखंड कीर्तन के कारण मोदीपुर गांव और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। मंदिर परिसर में दिन-रात भगवान के नाम का संकीर्तन होता रहा। श्रद्धालु बारी-बारी से कीर्तन में शामिल होते रहे और अपनी आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करते रहे।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य गांव में सुख, शांति और समृद्धि की कामना के साथ लोगों के बीच आपसी भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करना रहा। आयोजकों और ग्रामीणों ने माता शीतला से पूरे गांव और क्षेत्र के लोगों के लिए सुख-शांति, अमन-चैन और खुशहाली की प्रार्थना की।
नवरात्रि के अंतिम दिन मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
216 घंटे तक चले अखंड हरे राम, हरे कृष्ण कीर्तन के समापन के दिन शीतला माता मंदिर में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मंदिर परिसर में भक्तों की संख्या बढ़ती गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए और भजन-कीर्तन के दौरान अपनी सहभागिता निभाई।
अंतिम दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह दिखाई दिया। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से भजन और संकीर्तन में हिस्सा लिया। लगातार कई दिनों से चल रहे धार्मिक आयोजन के समापन को लेकर लोगों में उत्सुकता थी। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने माता शीतला की पूजा-अर्चना कर परिवार और गांव की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से गांव में सकारात्मक वातावरण बनता है। लोगों को एक-दूसरे के करीब आने और मिलजुलकर धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलता है। इससे सामाजिक एकता और आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है।
मुखिया अर्चना कुमारी के नेतृत्व में हुआ आयोजन
बताया गया कि नवरात्रि के अवसर पर आयोजित 216 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन चांदपुर पंचायत की मुखिया अर्चना कुमारी के नेतृत्व में कराया गया। आयोजन में मुखिया प्रतिनिधि शत्रुघ्न कुमार की भी सक्रिय भूमिका रही। धार्मिक कार्यक्रम में पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
आयोजकों की ओर से नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में लगातार कीर्तन और भजन का कार्यक्रम जारी रखा गया। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार मंदिर पहुंचकर संकीर्तन में शामिल होते रहे। ग्रामीणों ने भी आयोजन को लेकर विशेष उत्साह दिखाया और बड़ी संख्या में लोग धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बने।
आयोजन से जुड़े लोगों का कहना था कि धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पूजा और भजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से गांव में सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना भी था। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि मां शीतला की कृपा से गांव में हमेशा शांति और खुशहाली बनी रहेगी।
गांव की सुख-शांति और भाईचारे के लिए की गई प्रार्थना
आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने गांव की सुख-शांति और समृद्धि के लिए विशेष रूप से प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने मां शीतला से क्षेत्र में अमन-चैन बनाए रखने और सभी लोगों के जीवन में खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही लोगों ने एक-दूसरे के प्रति प्रेम और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।
मुखिया प्रतिनिधि शत्रुघ्न कुमार का कहना है कि मां शीतला देवी के प्रति ग्रामीणों की गहरी आस्था है। उनका विश्वास है कि माता की कृपा पूरे गांव पर बनी रहती है। उन्होंने कहा कि शीतला माता के मंदिर में दूर-दूर से भी श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। भक्त श्रद्धा के साथ माता के दरबार में सिर झुकाकर अपनी इच्छा व्यक्त करते हैं और उनका विश्वास है कि माता उनकी मनोकामना पूरी करती हैं।
उन्होंने कहा कि गांव में आयोजित होने वाले ऐसे धार्मिक कार्यक्रम लोगों को एकजुट करने का काम करते हैं। जब ग्रामीण एक साथ मिलकर पूजा, भजन और कीर्तन में शामिल होते हैं तो आपसी संबंध और मजबूत होते हैं। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
दिन-रात चलता रहा हरे राम, हरे कृष्ण संकीर्तन
नवरात्रि उत्सव के दौरान शीतला माता मंदिर में हरे राम, हरे कृष्ण नाम संकीर्तन लगातार चलता रहा। 216 घंटे तक चले इस धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगा रहा। कीर्तन मंडली के साथ ग्रामीणों ने भी भक्ति भाव से नाम संकीर्तन किया।
दिन के समय जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए, वहीं रात के समय भी श्रद्धालुओं ने कीर्तन में अपनी भागीदारी निभाई। धार्मिक गीतों और भजनों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। कई ग्रामीणों ने अपनी सुविधानुसार अलग-अलग समय पर कार्यक्रम में पहुंचकर कीर्तन में हिस्सा लिया।
आयोजन के दौरान गांव के लोगों में खासा उत्साह देखा गया। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कई लोग धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर भजन-कीर्तन में अपनी सहभागिता निभाई। इससे पूरे आयोजन के दौरान सामूहिक आस्था और धार्मिक एकता का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
आयोजन की सफलता में ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों ने न केवल धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया, बल्कि आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी सहयोग किया। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
ग्रामीणों का कहना था कि नवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष धार्मिक आयोजन से गांव में विशेष उत्साह का वातावरण बनता है। इस बार 216 घंटे के अखंड कीर्तन के कारण कार्यक्रम को लेकर लोगों में और भी अधिक उत्साह देखने को मिला। लगातार कई दिनों तक चले संकीर्तन ने पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बना दिया।
लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण जीवन में सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। धार्मिक कार्यक्रम के बहाने गांव के लोग एक साथ एकत्रित होते हैं और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की भावना मजबूत होती है।
धार्मिक आयोजन से मजबूत हुआ सामाजिक जुड़ाव
मोदीपुर गांव में आयोजित नवरात्रि उत्सव के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता की तस्वीर भी देखने को मिली। अलग-अलग परिवारों के लोग एक साथ मंदिर परिसर पहुंचे और सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने आपसी मतभेदों को दूर रखकर एकजुटता का संदेश दिया।
आयोजकों का मानना है कि गांव में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन लोगों के बीच आपसी संबंधों को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे नई पीढ़ी भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ती है। बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर धार्मिक माहौल का अनुभव किया।
नवरात्रि उत्सव के समापन के साथ ही 216 घंटे तक चले अखंड हरे राम, हरे कृष्ण कीर्तन का विधिवत समापन हुआ। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने माता शीतला का आशीर्वाद लेकर गांव की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मोदीपुर गांव में आयोजित यह नवरात्रि उत्सव केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसने ग्रामीणों को एकजुट करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी काम किया। आयोजन के समापन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मां शीतला की कृपा से गांव में हमेशा सुख, शांति, समृद्धि और आपसी सद्भाव बना रहेगा।


