
नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), भाजपा और विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटनाक्रम पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं।
RSS नेता इंद्रेश कुमार का बयान
RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन पर विदेशी ताकतों का प्रभाव बढ़ गया है और वांगचुक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आंदोलन भारतीय हितों तक सीमित रहे।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी विदेशी एजेंडे या देशविरोधी तत्वों का हिस्सा बनने से बचें।
गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार सख्त कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए पेपर लीक पर कार्रवाई कर रही है और लाखों छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कांग्रेस पर छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
संजय राउत ने जताई आपत्ति
वहीं, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि सोनम वांगचुक का 26 दिन तक अनशन करना बड़ा त्याग है और उनकी सेहत देश के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि उन्होंने यह सवाल उठाया कि जिस सरकार के खिलाफ आंदोलन चल रहा था, उसी सरकार के दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में अनशन समाप्त करना कई सवाल खड़े करता है। राउत ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया गया और कई छात्र घायल हुए।
राजनीतिक बयानबाजी जारी
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद भी NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है। एक ओर सरकार इसे समाधान और सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और अन्य दल सरकार की भूमिका तथा आंदोलन के घटनाक्रम पर सवाल उठा रहे हैं।


