बिहार में चरणबद्ध तरीके से लागू होगी ‘न्यायश्रुति’ प्रणाली, गृह विभाग ने तैयारियों की समीक्षा की

पटना: बिहार में ‘न्यायश्रुति’ प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। पायलट ट्रायल के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद गुरुवार को गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार की अध्यक्षता में इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) से जुड़े सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

सभी संबंधित विभागों के साथ हुई समीक्षा

बैठक में बिहार पुलिस, कारा एवं सुधार सेवाएं, पटना उच्च न्यायालय, अभियोजन निदेशालय, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) तथा राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB) सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

हर संस्थान में होगा समन्वयक और निर्धारित स्थान

बैठक में निर्देश दिया गया कि राज्य के सभी अभियोजन कार्यालयों, थानों, जिला अस्पतालों, जिला पदाधिकारी कार्यालयों तथा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के अंतर्गत संचालित ऑब्जर्वेशन होम एवं प्लेस ऑफ सेफ्टी में न्यायश्रुति प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए एक निर्धारित स्थान (Designated Place) और एक समन्वयक (Coordinator) की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।

CCTNS से जुड़े कार्य जल्द पूरे करने के निर्देश

गृह विभाग ने NIC, TCS और SCRB को निर्देश दिया कि न्यायश्रुति प्रणाली के सुचारु संचालन के लिए क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) से जुड़े सभी शेष तकनीकी और प्रक्रियागत कार्य जल्द पूरे किए जाएं। वहीं, पटना उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया गया।

राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर शामिल हुआ बिहार

बैठक में बताया गया कि न्यायश्रुति प्रणाली के पायलट ट्रायल की सफलता के बाद बिहार उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां यह प्रणाली राष्ट्रीय डैशबोर्ड पर उपलब्ध है। अब इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

अभियोजन निदेशक होंगे नोडल पदाधिकारी

गृह सचिव कुंदन कुमार ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने का निर्देश दिया। साथ ही अभियोजन निदेशक सुधांशु कुमार चौबे को न्यायश्रुति प्रणाली के राज्यव्यापी क्रियान्वयन के लिए नोडल पदाधिकारी नामित करने का निर्णय लिया गया। उनके नेतृत्व में ICJS से जुड़े सभी विभागों का एक समन्वय तंत्र परियोजना के क्रियान्वयन, समन्वय और प्रगति की नियमित निगरानी करेगा।

(यह समाचार बिहार गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।)

  • ये भी पढ़े..

    NEET विवाद के बीच केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला

    Share Add as a preferred…

    खगड़िया के स्कूल में मिड-डे मील के खाने में मिला मरा सांप का बच्चा, 30 से अधिक बच्चों की बिगड़ी तबीयत

    Share Add as a preferred…