
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की पेशकश की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि छात्र चाहें तो नड्डा के आवास, कार्यालय या अपनी पसंद के किसी अन्य स्थान पर बातचीत कर सकते हैं।
CJP ने बातचीत के लिए रखीं दो शर्तें
सरकार के प्रस्ताव के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बातचीत से पहले उनकी दो प्रमुख शर्तें हैं।
उन्होंने कहा कि पहली शर्त यह है कि वार्ता नड्डा के कार्यालय में नहीं, बल्कि जंतर-मंतर या किसी अन्य तटस्थ स्थान पर हो। दूसरी शर्त यह है कि बातचीत केवल औपचारिकता न हो, बल्कि उसके बाद सरकार ठोस और ठोस परिणाम देने वाले कदम उठाए।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा हालात के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है और सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक इतिहास में कभी ऐसा हुआ है कि सरकार के अपने सांसदों को भी संसद के बाहर प्रदर्शन करना पड़े।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि कई सत्रों से संसद सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है और सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का सामना करने में सरकार विफल रही है।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवा आतंकवादी नहीं, बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं, छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने सवाल किया कि यदि प्रधानमंत्री युवाओं की चिंता जताते हैं, तो फिर प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी कौन लेगा।


