बिहार में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को बड़ा फैसला: दोपहिया के बाद अब ऑटो, टेंपो और ट्रैक्टरों पर बढ़ेगी सख्ती; पीएसए ऐप (PSA App) से होगी रोजाना समीक्षा

पटना, 23 जुलाई 2026। राज्य की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़कों पर अनुशासन कायम करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने एक और बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। दोपहिया वाहनों की सघन चेकिंग के बाद अब राज्य भर में तिपहिया वाहनों (ऑटो, टेंपो) तथा ट्रैक्टरों के खिलाफ विशेष व कड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। सड़कों पर अव्यवस्थित परिचालन, अनियंत्रित गतिविधियों और यातायात नियमों की लगातार हो रही अनदेखी के कारण लग रहे भीषण जाम को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी क्षेत्रों के ट्रैफिक डीएसपी (Traffic DSP) को ऑन-ग्राउंड कार्रवाई तेज करने के कड़े विनिर्देश जारी किए हैं।

मुख्यालय ने ट्रैफिक डीएसपी को सौंपा जिम्मा, रोज तलब होगा दैनिक ब्योरा

​सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या को नियंत्रित करने और अनियंत्रित परिचालन पर विराम लगाने के लिए मुख्यालय ने अधिकारियों की कड़ा जवाबदेही तय कर दी है:

  • सघन जांच अभियान के आदेश: सभी जिलों के ट्रैफिक डीएसपी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में टीम बनाकर ऑटो, टेंपो और ट्रैक्टरों की गतिविधियों की कड़ाई से जांच करें।
  • दैनिक ब्योरा तलब: इस सघन अभियान के दौरान कितनी गाड़ियों पर दंडात्मक कार्रवाई हुई और क्या एक्शन लिया गया, इसका दैनिक ब्योरा मुख्यालय द्वारा तुरंत तलब किया जाएगा।
  • सड़क पर अनुशासन की बहाली: अभियान का मुख्य उद्देश्य बेतरतीब तरीके से चलने वाले कॉमर्शियल व मालवाहक वाहनों पर नकेल कसना और आम जनता के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करना है।

पीएसए ऐप (PSA App) से होगी ग्राउंड जीरो की समीक्षा, पारदर्शी रहेगा एक्शन ट्रैकिंग

​इस विशेष अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी इसकी डिजिटल ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि कागजी खानापूर्ति रोकने के लिए अभियान की समीक्षा आधुनिक तकनीकी माध्यम से की जाएगी:

  • पीएसए ऐप से ऑन-स्पॉट ऑडिट: सघन चेकिंग के दौरान की गई सभी कार्रवाइयों की रोजाना समीक्षा ‘पीएसए ऐप’ (PSA App) के माध्यम से डिजिटल मोड पर संधारित होगी।
  • कार्रवाई का सटीक ब्योरा: ऐप के जरिए यह डेटा डंप ट्रैक किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कितनी कार्रवाई हुई और किस श्रेणी के वाहनों पर पेनल्टी लगाई गई।
  • जमीनी असर का आकलन: इस डिजिटल सर्विलांस का मुख्य मकसद यह जानना है कि मुख्यालय के आदेश का जमीनी स्तर पर कितना असर पड़ रहा है और सड़कों पर कितना सुधार हुआ है।

ऑटो, टेंपो और ट्रैक्टरों के अनियंत्रित परिचालन से थम रही थी रफ्तार

​सूत्रों के अनुसार, राज्य के प्रमुख शहरी क्लस्टरों और मुख्य मार्गों पर ऑटो, टेंपो तथा ट्रैक्टर जैसे वाहनों की अनियंत्रित और अव्यवस्थित गतिविधियों से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बीच सड़क पर सवारी उतारने-चढ़ाने, बेतरतीब ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी के कारण कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति विनिर्मित हो जाती है। इसी समस्या को म्यूट करने और सड़क अनुशासन को री-स्टोर करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने यह विशेष चेकिंग ग्रिड एक्टिव किया है।

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