
बिहार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत 2015 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी प्रशांत कुमार सीएच को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए उनके वर्तमान पद से विरमित कर दिया गया है। अब वह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी सचिव के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा राज्य में एक अन्य IAS अधिकारी का तबादला किया गया है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को पहले से मिला अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है।
सरकार के इन प्रशासनिक बदलावों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल के तौर पर देखा जा रहा है। एक अधिकारी को केंद्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही बिहार में तैनात दो अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। नई पदस्थापना और प्रभार से जुड़े आदेश के बाद संबंधित विभागों में प्रशासनिक कार्यों को लेकर नई व्यवस्था लागू होगी।
प्रशांत कुमार सीएच को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए किया गया विरमित
2015 बैच के IAS अधिकारी प्रशांत कुमार सीएच बिहार में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर तैनात थे। अब उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए राज्य सरकार की ओर से विरमित कर दिया गया है। केंद्रीय स्तर पर उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है और उन्हें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का निजी सचिव नियुक्त किया गया है।
किसी IAS अधिकारी का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। केंद्र सरकार के स्तर पर निजी सचिव के रूप में अधिकारी को मंत्री के साथ नीतिगत और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है। ऐसे पद पर अधिकारी की जिम्मेदारी काफी व्यापक होती है और उन्हें विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के बीच समन्वय से जुड़े कार्य भी करने पड़ सकते हैं।
प्रशांत कुमार सीएच की नई जिम्मेदारी भी इसी लिहाज से अहम मानी जा रही है। बिहार में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रूप में काम करने के बाद अब वह केंद्र सरकार के स्तर पर अपनी सेवाएं देंगे। उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद बिहार में उनके वर्तमान पद से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर आगे प्रशासनिक व्यवस्था के तहत निर्णय लिया जा सकता है।
2014 बैच के IAS अधिकारी रंजीत कुमार का तबादला
राज्य सरकार ने एक अन्य प्रशासनिक बदलाव के तहत 2014 बैच के IAS अधिकारी रंजीत कुमार का भी तबादला किया है। रंजीत कुमार वर्तमान में योजना एवं विकास विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें स्थानांतरित करते हुए युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में अपर सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
नई जिम्मेदारी के तहत रंजीत कुमार अब युवा रोजगार और कौशल विकास से जुड़े विभागीय कार्यों को देखेंगे। यह विभाग राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल विकास को प्रोत्साहित करने और प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ऐसे में रंजीत कुमार के लिए नई पदस्थापना प्रशासनिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बिहार में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इस विभाग में उनकी नई भूमिका के तहत उन्हें सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
योजना एवं विकास विभाग से मिली नई जिम्मेदारी
रंजीत कुमार इससे पहले योजना एवं विकास विभाग में अपर सचिव के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस विभाग में रहते हुए वह राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक स्तर पर योजना से जुड़े कई कार्यों का हिस्सा रहे होंगे। अब उनके स्थानांतरण के बाद उन्हें एक ऐसे विभाग में भेजा गया है, जिसका सीधा संबंध राज्य के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों से है।
युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां भी होंगी। राज्य में बड़ी संख्या में युवा रोजगार और कौशल प्रशिक्षण के अवसरों की तलाश में रहते हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना और युवाओं तक उसका लाभ पहुंचाना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
रंजीत कुमार के प्रशासनिक अनुभव का लाभ विभाग को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नई पदस्थापना के साथ ही विभागीय स्तर पर कामकाज की जिम्मेदारियों में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
रचना पाटिल से कृषि विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस
प्रशासनिक बदलावों की इसी कड़ी में वित्त विभाग की सचिव रचना पाटिल से कृषि विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी वापस ले लिया गया है। रचना पाटिल को इससे पहले कृषि विभाग के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। अब सरकार के नए आदेश के तहत उन्हें इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
इस बदलाव के बाद कृषि विभाग के सचिव पद की जिम्मेदारी को लेकर आगे अलग प्रशासनिक व्यवस्था की जा सकती है। अतिरिक्त प्रभार वापस लेने का फैसला प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने और अधिकारियों के कार्यभार को संतुलित करने की दिशा में भी देखा जा सकता है।
एक अधिकारी के पास जब मूल विभाग के साथ किसी अन्य विभाग का अतिरिक्त प्रभार होता है, तो प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार समय-समय पर अधिकारियों के कार्यभार और विभागीय जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त जिम्मेदारियों में बदलाव करती है।
तीन प्रशासनिक बदलावों का दिखेगा असर
बिहार सरकार की ओर से किए गए इन बदलावों में तीन प्रमुख प्रशासनिक फैसले सामने आए हैं। पहला, 2015 बैच के IAS अधिकारी प्रशांत कुमार सीएच को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए विरमित किया गया है। दूसरा, 2014 बैच के IAS अधिकारी रंजीत कुमार का तबादला योजना एवं विकास विभाग से युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में किया गया है। तीसरा, वित्त विभाग की सचिव रचना पाटिल को कृषि विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
इन फैसलों के बाद राज्य के प्रशासनिक ढांचे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। अधिकारियों की नई पदस्थापना के साथ विभागीय कामकाज को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय स्तर पर बिहार कैडर के अधिकारी की नई भूमिका
प्रशांत कुमार सीएच का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना बिहार कैडर के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य कैडर के अधिकारी जब केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नीतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव के रूप में उनकी भूमिका में कई तरह के प्रशासनिक और समन्वय संबंधी कार्य शामिल हो सकते हैं। मंत्री कार्यालय से जुड़े कामकाज, विभिन्न मंत्रालयों के साथ तालमेल और महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों में सहयोग जैसी जिम्मेदारियां इस पद का हिस्सा हो सकती हैं।
वहीं, बिहार में रंजीत कुमार को युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में भेजे जाने से इस क्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर नई ऊर्जा आने की उम्मीद की जा रही है। युवाओं के कौशल को रोजगार से जोड़ना राज्य सरकार के लिए एक अहम विषय है और ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रशासनिक बदलाव के बाद आगे की व्यवस्था पर नजर
राज्य सरकार के आदेश के बाद अब संबंधित विभागों में नई प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावी होगी। प्रशांत कुमार सीएच के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उनके वर्तमान पद से जुड़े कार्यों के लिए आगे नई व्यवस्था की जा सकती है। वहीं, रंजीत कुमार की नई पदस्थापना के बाद युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग में कामकाज की जिम्मेदारी उनके हाथों में होगी।
दूसरी ओर, रचना पाटिल को कृषि विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किए जाने के बाद विभागीय जिम्मेदारी को लेकर भी सरकार की ओर से आगे निर्णय लिया जा सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और जिम्मेदारियों में बदलाव सरकार की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, लेकिन कई बार इन फैसलों का विभागीय कामकाज पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
फिलहाल बिहार में हुए इन प्रशासनिक बदलावों को लेकर अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों पर सभी की नजर है। एक ओर प्रशांत कुमार सीएच अब केंद्र सरकार में नई भूमिका निभाने के लिए आगे बढ़ेंगे, वहीं रंजीत कुमार को राज्य में युवाओं के रोजगार और कौशल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी मिली है। इसके साथ ही रचना पाटिल को कृषि विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। इन बदलावों के बाद आने वाले दिनों में विभागीय स्तर पर कामकाज की नई तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।


