
औरंगाबाद, 23 जुलाई 2026। बिहार के औरंगाबाद जिला मुख्यालय अंतर्गत नगर थाना प्रक्षेत्र से इंसानियत और सुरक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत वीभत्स और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ अपने पति के साथ रह रही नेपाल की एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की घिनौनी घटना को अंजाम दिया गया है। इस खौफनाक वारदात के उजागर होते ही समूचे जिला मुख्यालय और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेडिंग ग्रिड सक्रिय किया और घटना में शामिल दो मुख्य बालिग आरोपियों को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके साथ शामिल एक 15 वर्षीय किशोर को भी कस्टडी में ले लिया गया है।
सिंचाई कॉलोनी के पास जर्जर भवन में दिया वारदात को अंजाम
पुलिस सूत्रों और प्राथमिक विलेखों से प्राप्त विवरण के अनुसार, गैंगरेप की यह दुखद घटना बीते मंगलवार को नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंचाई कॉलोनी के समीप स्थित एक सुनसान जर्जर भवन के भीतरी केबिन में घटित हुई।
नेपाल मूल की पीड़िता अपने पति के साथ औरंगाबाद में रहकर जीवन-यापन कर रही थी। मंगलवार को आरोपियों ने कूटनीतिक रूप से महिला को सुनसान व एकांत स्थान पर घेरा और सिंचाई कॉलोनी के पास मौजूद खंडहरनुमा जर्जर भवन में खींचकर ले गए। वहाँ आरोपियों ने मानवीय संवेदनाओं को पूरी तरह दरकिनार करते हुए महिला के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की और घटना के बाद मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने किसी तरह अपने पति को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत नगर थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
पकड़े गए आरोपियों का सांख्यिकीय विवरण
घटना की एफआईआर दर्ज होते ही नगर थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर त्वरित छापेमारी कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार और निरुद्ध किए गए आरोपियों का विधिक परिचय इस प्रकार संधारित है:
- राकेश: पुत्र दुखहरण राम, निवासी – नगर थाना क्षेत्र, औरंगाबाद।
- अभिषेक कुमार: पुत्र सुधीर साव, निवासी – शंकर बिगहा, जिला नवादा।
- विधि-विरुद्ध किशोर: 15 वर्षीय नाबालिग, जिसे पुलिस कस्टडी में लेकर बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
त्वरित पुलिसिया कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण
नगर थाना पुलिस ने पीड़िता का तत्काल सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण और फॉरेंसिक सैंपलिंग प्रक्रम मुकम्मत कराया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल (जर्जर भवन) को सील कर फॉरेंसिक टीम द्वारा महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि अदालत के पटल पर आरोपियों के खिलाफ सख्त चार्जशीट पेश की जा सके।
गिरफ्तार दोनों वयस्क अभियुक्तों राकेश और अभिषेक कुमार को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजने तथा 15 वर्षीय किशोर को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत कर प्रेक्षण गृह (बाल सुधार गृह) डाइवर्ट करने की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है।


