
बिहार के बांका जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां रात में परिवार के साथ सामान्य दिन बिताने वाली एक 14 वर्षीय किशोरी की अगले ही कुछ घंटों में सांप के डंसने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किशोरी अपने पिता के साथ टीवी देखते-देखते सो गई थी। सुबह नींद खुलने पर उसने हाथ में तेज जलन की शिकायत की। पहले तो परिजनों को यह सामान्य तकलीफ लगी, लेकिन कुछ ही देर बाद कमरे में सांप दिखाई देने पर उन्हें घटना की गंभीरता का एहसास हुआ। आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किया गया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है।
यह घटना बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र स्थित छतार गांव की है। मृतक किशोरी की पहचान आदित्य कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात परिवार के लोग अपने-अपने काम निपटाने के बाद घर में मौजूद थे। देर रात आदित्य अपने पिता के साथ चौकी पर बैठकर टीवी देख रही थी। इसी दौरान दोनों को नींद आ गई और वे वहीं सो गए। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि रात के अंधेरे में एक जहरीला सांप कमरे में प्रवेश कर चुका है और यह सामान्य रात कुछ ही घंटों में पूरे परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगी।
परिजनों ने बताया कि तड़के करीब चार बजे आदित्य की नींद खुली। उसने अपने पिता से हाथ में तेज जलन और असहनीय दर्द होने की शिकायत की। शुरुआत में यह समझ नहीं आया कि दर्द किस वजह से हो रहा है। लेकिन जब कमरे में नजर दौड़ाई गई तो पास में एक सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर सांप वहां से निकल गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों को आशंका हुई कि बच्ची को सांप ने ही डंस लिया है।

घटना के तुरंत बाद परिवार के सदस्य बिना समय गंवाए आदित्य को इलाज के लिए रजौन अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने उसकी जांच की। प्राथमिक परीक्षण में सांप के डंसने की आशंका की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे तत्काल एंबुलेंस से भागलपुर लेकर रवाना हुए।
परिवार को उम्मीद थी कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में समय पर इलाज मिलने से बच्ची की जान बच जाएगी, लेकिन उनकी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। मायागंज अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद आदित्य कुमारी को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों की ओर से मौत की पुष्टि होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक घटना को देखकर नम हो गईं।
मृतका के पिता अरुण चौधरी ने बताया कि उनकी बेटी पूरी तरह स्वस्थ थी और रात तक किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने कहा कि दोनों सामान्य तरीके से टीवी देख रहे थे और देखते-देखते वहीं सो गए। सुबह बेटी ने हाथ में तेज जलन होने की बात कही। जब कमरे में सांप दिखाई दिया, तब उन्हें समझ आया कि शायद उसे सांप ने काट लिया है। उन्होंने बिना देर किए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बेटी की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव के बड़ी संख्या में लोग मृतका के घर पहुंचने लगे। परिजनों को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में गांवों में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खेतों और झाड़ियों से निकलकर सांप कई बार घरों तक पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। यदि किसी व्यक्ति को सांप काटने की आशंका हो तो बिना समय गंवाए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार, झाड़-फूंक या अंधविश्वास के भरोसे रहने के बजाय चिकित्सकीय सहायता लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि रात में सोने से पहले कमरे की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में विशेष रूप से दरवाजे, खिड़कियां और फर्श के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है ताकि सांप या अन्य जहरीले जीव घर के अंदर प्रवेश न कर सकें। यदि घर में सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश करने के बजाय संबंधित विभाग या प्रशिक्षित लोगों की मदद लेना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सांप के डंसने से होने वाली मौतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हर वर्ष मानसून के दौरान ऐसे कई मामले सामने आते हैं, जिनमें समय पर पहचान और उपचार नहीं मिलने से लोगों की जान चली जाती है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरूक रहने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह देता है।
आदित्य कुमारी की असामयिक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस घर में रात तक सामान्य माहौल था, वहां सुबह मातम छा गया। गांव के लोगों ने भी इस घटना पर दुख जताया और परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। फिलहाल परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।


