सुल्तानगंज में प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक, सरकारी योजनाओं की समीक्षा और विभागीय अनुपस्थिति पर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन की स्थिति और आम लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष सदानंद कुमार ने की। इस दौरान समिति के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर अधिकारियों और समिति के सदस्यों के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। समिति के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की ओर से आम जनता के हित में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी और समीक्षा जरूरी है। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

बैठक की शुरुआत में प्रखंड क्षेत्र में चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को बैठक में रखा और योजनाओं के संचालन से संबंधित जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की। इस दौरान अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, पात्र लाभुकों तक पहुंच और कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर जानकारी ली गई। समिति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ बिना किसी परेशानी के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं और कार्यों की जानकारी साझा की। चर्चा के दौरान विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकारी योजनाओं की निगरानी केवल कागजी स्तर पर नहीं होनी चाहिए, बल्कि धरातल पर भी कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच की जानी चाहिए।

प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष सदानंद कुमार ने बैठक के बाद बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि योजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा के बाद आवश्यक प्रस्ताव भी लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य प्रखंड क्षेत्र के विकास को गति देना और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में तीन महत्वपूर्ण विभागों के प्रतिनिधि या संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं थे। इनमें बिजली विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और थाना से जुड़े अधिकारी शामिल बताए गए। बैठक में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उनके स्तर से स्पष्टीकरण मांगे जाने की बात कही गई।

समिति के अध्यक्ष ने कहा कि प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में विभिन्न विभागों की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि अलग-अलग सरकारी योजनाओं और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों पर संबंधित विभागों से सीधे जानकारी प्राप्त की जाती है। ऐसे में किसी महत्वपूर्ण विभाग के अधिकारी की अनुपस्थिति से कई मुद्दों पर चर्चा और समाधान की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी को देखते हुए अनुपस्थित विभागों से कारण बताने को कहा जाएगा।

बैठक में सरकारी योजनाओं की जांच-पड़ताल को लेकर भी चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि किसी योजना के संचालन में अनियमितता, लापरवाही या नियमों की अनदेखी की शिकायत सामने आती है तो मामले की जांच कराई जानी चाहिए। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। सदस्यों ने कहा कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।

बैठक के दौरान शिक्षा, बाल विकास, रोजगार, कृषि, पंचायती राज और ग्रामीण विकास सहित कई क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने अपने विभागों से संबंधित कार्यों की प्रगति से समिति को अवगत कराया। कृषि क्षेत्र में किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने, शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को प्रभावी तरीके से लागू करने जैसे विषयों पर भी विचार किया गया।

प्रखंड क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी और योजनाओं के सही तरीके से संचालन को लेकर समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने की बात कही। सदस्यों का कहना था कि क्षेत्र की समस्याओं को समय पर संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल सकती है।

बैठक में प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार साह, सांसद प्रतिनिधि पवन केसान, प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव कुमार, अंचल अधिकारी रमण कुमार, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी किरण कुमारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तन्नु कुमारी, मनरेगा पदाधिकारी सुजीत कुमार सिन्हा और पंचायती राज पदाधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा समिति के सदस्य विनय कुमार सिंह, कुमार मंगलम, प्रवीण कुमार, संजय मंडल, मिथलेश कुमार चन्द्रवंशी, शशि भूषण कुमार, भुट्टो मांझी और प्रेम प्रभात सिन्हा सहित अन्य सदस्यों ने बैठक में भाग लिया। श्रम पदाधिकारी अभिनव आलोक, कृषि पदाधिकारी सत्यम राज और सांख्यिकी पदाधिकारी राकेश कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रखंड स्तर पर होने वाली ऐसी बैठकों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करने और समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलती है।

समिति के अध्यक्ष सदानंद कुमार ने कहा कि आने वाले समय में भी सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनके क्रियान्वयन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरतमंद लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिले और विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा किया जाए, इस दिशा में समिति की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बैठक के अंत में विभिन्न विभागों से जुड़े विषयों पर चर्चा के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही योजनाओं की निगरानी, कार्यों की समीक्षा और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखने की बात कही गई। अधिकारियों और समिति सदस्यों ने प्रखंड क्षेत्र में विकास कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

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