
छपरा (सारण)। बिहार के सारण जिला मुख्यालय छपरा के अत्यंत सुरक्षित माने जाने वाले प्रशासनिक वीवीआईपी इलाके से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। शहर में जिला पदाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के आधिकारिक आवासों के ठीक सामने संचालित एक प्रतिष्ठित निजी विद्यालय के भीतर छात्राओं के साथ अश्लील हरकतों और मानसिक उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। विद्यालय में गणित विषय पढ़ाने वाले शिक्षक पर अपनी ही छात्राओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील वीडियो क्लिप भेजने, अश्लील बातें करने और आपत्तिजनक मैसेज के जरिए मानसिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब एक पीड़िता ने शिक्षक की गंदी हरकतों से तंग आकर पूरी बात अपने परिवारजनों और स्कूल प्रबंधन के समक्ष उजागर कर दी।
इस घिनौने कृत्य की जानकारी मिलते ही आक्रोशित परिजन विद्यालय परिसर पहुंचे और आरोपी शिक्षक की जमकर पिटाई कर दी। घटना के कारण स्कूल परिसर और आसपास के प्रशासनिक इलाके में भारी हंगामा और अफ़रा-तफ़री का माहौल विनिर्मित हो गया। सूचना मिलते ही भगवान बाजार थाना पुलिस की टीम मौके पर प्रविष्ट हुई और आक्रोशित परिजनों के बीच से आरोपी शिक्षक को कस्टडी में लेकर गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के परिजनों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने कड़क धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोपी शिक्षक को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
आरोपी शिक्षक का परिचय और घटना का पूरा विवरण
पुलिस और स्थानीय स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी शिक्षक की पहचान इमाम राजा के रूप में हुई है। इमाम राजा मूल रूप से सारण जिले के ही इसुआपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वर्तमान में वह छपरा नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कटहरीबाग मोहल्ले में किराए का मकान लेकर रह रहा था। वह बीते कुछ समय से शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित इस चर्चित निजी विद्यालय में गणित (Mathematics) के शिक्षक के तौर पर कार्यरत था।
विद्यालय के भीतरी शैक्षणिक माहौल में आरोपी शिक्षक अपनी गंभीर और विषय विशेषज्ञ की छवि के पीछे एक आपराधिक व विकृत मानसिकता छिपाए हुए था। आरोपी शिक्षक पिछले लंबे समय से विद्यालय में पढ़ने वाली कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग की छात्राओं पर गलत नीयत रखता था। वह अक्सर कक्षा के दौरान या पठन-पाठन के बहाने छात्राओं से अनुचित व अश्लील बातें किया करता था। इतना ही नहीं, वह छात्राओं के व्यक्तिगत मोबाइल नंबर हासिल कर उन्हें व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर अश्लील वीडियो क्लिप, गंदे मैसेज और आपत्तिजनक तस्वीरें भेजा करता था। शिक्षक के इस घिनौने रवैये से छात्राएं लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद के दौर से गुजर रही थीं।
छात्रा के साहस से खुला राज: परिजनों ने स्कूल में किया हंगामा
आरोपी शिक्षक की हरकतों से परेशान एक छात्रा ने आखिर साहस जुटाया और अपने साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार की जानकारी अपने परिजनों को देने का फैसला किया। छात्रा ने अपने मोबाइल पर शिक्षक द्वारा भेजे गए अश्लील वीडियो और मैसेजों के डिजिटल प्रमाण अपने परिजनों के सामने रख दिए। अपनी बेटी के साथ हुई इस करतूत को देखकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रा के परिजन बिना किसी देरी के तुरंत विद्यालय पहुंचे और सबसे पहले प्रधानाचार्य (प्राचार्य) से मिलकर आरोपी शिक्षक की लिखित व मौखिक शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की भनक लगते ही जब आरोपी शिक्षक इमाम राजा ने अपना बचाव करने और मामले को दबाने की कोशिश की, तो परिजनों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्से में आए परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर के भीतर ही शिक्षक इमाम राजा को पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। देखते ही देखते स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। चुकी यह विद्यालय छपरा शहर के सबसे हाई-सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले डीएम और एसपी आवास के बिल्कुल सामने स्थित है, इसलिए घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई।
भगवान बाजार थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
विद्यालय परिसर में शिक्षक की पिटाई और भारी हंगामे के सिग्नल्स मिलते ही भगवान बाजार थाने की पुलिस टीम बिना किसी लिपिकीय ढिलाई के हरकत में आई। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंची पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी शिक्षक को उग्र भीड़ और परिजनों के कब्जे से मुक्त कराया और अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी शिक्षक को तुरंत गाड़ी में बैठाकर भगवान बाजार थाने ले आई ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए।
थाने में पीड़िता के परिजनों ने आरोपी शिक्षक इमाम राजा के खिलाफ लिखित आवेदन सौंपा। परिजनों के आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि आरोपी शिक्षक किस प्रकार पद का दुरुपयोग करते हुए नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील बातचीत और सोशल मीडिया के जरिए अश्लील सामग्री भेजकर उनका मानसिक शोषण कर रहा था। पुलिस ने परिजनों के आवेदन के आधार पर यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) तथा भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न सुसंगत व कड़क धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
डिजिटल साक्ष्यों की जांच और पुलिस की आगे की रणनीति
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमान ने आरोपी शिक्षक के मोबाइल फोन को विधिक रूप से जब्त कर लिया है। फॉरेंसिक और साइबर सेल की टीम आरोपी के फोन के चैट हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट्स, डिलीट किए गए मैसेजों और भेजे गए वीडियो क्लिप्स का फॉरेंसिक डेटा डंप रिकवर करने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी शिक्षक ने केवल एक छात्रा ही नहीं, बल्कि कई अन्य छात्राओं को भी अपने इस कूटनीतिक चक्रव्यूह का शिकार बनाया होगा, जो लोक-लाज या डर के कारण अब तक चुप थीं।
पुलिसिया पूछताछ के दौरान आरोपी शिक्षक इमाम राजा के पास परिजनों द्वारा प्रस्तुत किए गए डिजिटल साक्ष्यों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं था। प्राथमिक पूछताछ और विधिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद भगवान बाजार थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक का मेडिकल परीक्षण कराया। इसके पश्चात उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे मंडल कारा (जेल) की न्यायिक कस्टडी में लॉक कर दिया गया।
हाई-सिक्योरिटी जोन में घटना से अभिभावकों में भारी आक्रोश
सारण जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में घटित इस वारदात ने निजी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के चरित्र सत्यापन (Character Verification) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि जिस क्षेत्र में जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक और पुलिस कप्तान का निवास हो, उसके ठीक सामने स्थित स्कूल में यदि बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
अभिभावकों ने मांग की है कि जिले के सभी निजी व सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए और स्कूलों के भीतर छात्राओं की सुरक्षा के लिए एक निष्पक्ष शिकायत निवारण सेल का गठन किया जाए। फिलहाल पुलिस कमान इस पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है ताकि अदालत के पटल पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ एक अभेद्य और सख्त चार्जशीट पेश की जा सके।


