बिहार में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गिरेगा पारा; नेपाल में बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

Bihar Weather Alert: कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी

बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, दूसरी ओर पड़ोसी देश नेपाल में हो रही भारी बारिश ने बिहार के लिए बाढ़ का खतरा भी बढ़ा दिया है।

नेपाल में लगातार बारिश के कारण बिहार की कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी है। खासकर उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल क्षेत्र में बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोसी, कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक और महानंदा समेत कई नदियों के जलस्तर पर प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर बनी हुई है।

आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। अररिया, किशनगंज और बांका समेत कई जिलों में बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, नालंदा, पटना, गया, अरवल, जहानाबाद, कैमूर, भोजपुर, बक्सर और रोहतास में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन इलाकों में बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने यानी वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।

मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बिजली गिरने की आशंका के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।

23 जुलाई को इन इलाकों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 23 जुलाई को भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस दौरान सिवान, गोपालगंज और पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली और सारण में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।

बारिश के कारण कुछ स्थानों पर सड़कों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वहीं, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। लगातार बारिश होने पर नदियों और छोटी जलधाराओं के जलस्तर में भी वृद्धि हो सकती है।

24 जुलाई को भी कई जिलों में अलर्ट

बिहार में 24 जुलाई को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर में येलो अलर्ट जारी किया है।

इन इलाकों में रहने वाले लोगों को भारी बारिश और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से भी स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। वहीं, शहरी इलाकों में जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होने पर जलजमाव की समस्या भी बढ़ सकती है।

बारिश के कारण तापमान में गिरावट

राज्य में मौसम में बदलाव और लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के कई जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।

गयाजी में सबसे कम अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मोतिहारी, सिवान, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, जहानाबाद, नालंदा, अरवल और कैमूर में भी अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

इन जिलों में तापमान में औसतन 0.6 से 2.4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिली है। बारिश और बादल छाए रहने के कारण दिन के तापमान में कमी आई है। हालांकि, बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से कुछ इलाकों में उमस का असर फिर देखने को मिल सकता है।

नेपाल में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा

बिहार के लिए सबसे बड़ी चिंता इस समय नेपाल में हो रही भारी बारिश को लेकर है। नेपाल के कई इलाकों में लगातार बारिश होने के कारण वहां से बिहार की ओर आने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

नेपाल से निकलने वाली या नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से प्रभावित होने वाली कई नदियां बिहार के लिए हर साल चुनौती बनती हैं। इनमें कोसी, कमला, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक और महानंदा प्रमुख हैं।

नेपाल में बारिश बढ़ने पर इन नदियों में पानी का प्रवाह तेज हो सकता है। इसका सीधा असर बिहार के उत्तर और सीमांचल क्षेत्रों पर पड़ता है। ऐसे में लगातार बारिश के बीच नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की आशंका को और बढ़ा दिया है।

इन जिलों में बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा

बिहार में बाढ़ की स्थिति बनने पर सबसे अधिक प्रभावित होने वाले जिलों में सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, खगड़िया, समस्तीपुर और भागलपुर शामिल हैं।

इन इलाकों में कई नदियों का प्रभाव रहता है। खासकर कोसी नदी के कारण हर साल उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। कोसी को बिहार की सबसे चुनौतीपूर्ण नदियों में से एक माना जाता है और इसके जलस्तर में वृद्धि होने पर बड़े क्षेत्र में बाढ़ का असर देखने को मिल सकता है।

बाढ़ के कारण ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क टूटने, खेतों में पानी भरने और लोगों के विस्थापित होने की स्थिति पैदा हो सकती है। हर साल बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित होते हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है।

प्रशासन की भी बढ़ी चिंता

भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां पहले से रखना महत्वपूर्ण है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।

फिलहाल बिहार में एक तरफ बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ लगातार बारिश और नेपाल में भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। आने वाले दिनों में मौसम और नदियों के जलस्तर की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर वज्रपात और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। वहीं, बाढ़ संभावित जिलों में रहने वाले लोगों को नदियों के जलस्तर और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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