
भागलपुर, 21 जुलाई: भागलपुर के तातारपुर थाना क्षेत्र स्थित काजवलीचक में वर्ष 2022 में हुए भीषण विस्फोट मामले में अदालत ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे-11 ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने दोषी मो. आजाद और नवीन मंडल को गैर इरादतन हत्या तथा विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
गैर इरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम में सजा
अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोनों दोषियों को 9-9 वर्ष की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं, विस्फोटक अधिनियम के तहत 10-10 वर्ष की सजा और 10-10 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलने का आदेश दिया।
3 मार्च 2022 को हुआ था भीषण धमाका
3 मार्च 2022 की रात काजवलीचक में अवैध रूप से रखे विस्फोटक सामग्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि बहुमंजिला मकान जमींदोज हो गया और आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मृतकों में लीलावती देवी, शीला देवी, नंदिनी देवी, प्रियंशु कुमार, गणेश प्रसाद सिंह, आयांश कुमार, आरती कुमारी, राहुल कुमार उर्फ रोहित, उर्मिला देवी, पिंकी देवी, मुन कुमार, महेंद्र मंडल, राजकुमार साह, सुनील मंडल उर्फ संजय मंडल उर्फ गोरका और आर्या शामिल थे। गंभीर रूप से घायल आर्या की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
जांच में सामने आया था अवैध विस्फोटक का मामला
पुलिस जांच में सामने आया था कि मकान में अवैध तरीके से पटाखा निर्माण के लिए विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। उसी दौरान हुए विस्फोट से यह हादसा हुआ। घटना के बाद राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसियां भी मौके पर पहुंची थीं और मामले की विस्तृत जांच की गई थी।
पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट
विस्फोट मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि अन्य आरोपियों के मामलों की न्यायिक प्रक्रिया अलग से जारी है।
नोट: यह फैसला संबंधित अदालत द्वारा सुनाया गया है। अन्य आरोपियों से जुड़े मामलों की सुनवाई न्यायालय में लंबित है और उनका दोष या निर्दोष होना न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय होगा।


