
नोएडा/पटना: उत्तर प्रदेश के नोएडा में छापेमारी के दौरान बिहार की सरकारी आपूर्ति के लिए भेजी जाने वाली करोड़ों रुपये मूल्य की कैंसररोधी दवाएं बरामद की गई हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन दवाओं को सरकारी वितरण प्रणाली से अवैध रूप से हटाकर रखा गया था। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
दो करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं बरामद
जानकारी के अनुसार, नोएडा के सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली प्रिंसली सोसाइटी के एक फ्लैट पर छापेमारी के दौरान कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं बरामद की गईं। बरामद दवाओं की अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।
बिहार की सरकारी आपूर्ति से जुड़ी होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बरामद दवाओं में से कुछ बिहार में सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में आपूर्ति के लिए थीं। इसके बाद सरकारी दवा वितरण व्यवस्था में संभावित हेराफेरी की आशंका को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार
मामले में आनंद कुमार नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि सूचना मिलने पर दिल्ली क्राइम ब्रांच, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) तथा संबंधित विभागों की टीम ने संयुक्त रूप से फ्लैट पर छापेमारी की थी।
कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियों को आशंका है कि महंगी दवाओं की तस्करी और अवैध कारोबार का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और तेलंगाना सहित कई राज्यों तक फैला हो सकता है। एजेंसियां जब्त दवाओं के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
सरकारी आपूर्ति व्यवस्था की भी होगी जांच
अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि सरकारी आपूर्ति के लिए निर्धारित दवाएं निजी हाथों तक कैसे पहुंचीं। मामले में संबंधित विभागों से जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोट: यह मामला प्रारंभिक जांच के चरण में है। सरकारी आपूर्ति में गड़बड़ी और तस्करी से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


