
भागलपुर/नालंदा: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने नालंदा कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर तथा पल्स रिसर्च स्टेशन (पीआरसी), मोकामा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्था, अनुसंधान, प्रसार गतिविधियों और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
छात्रों की कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के पहले चरण में कुलपति ने नालंदा कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर की विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया। विद्यार्थियों की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्राचार्य को नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा के लिए नियमित कक्षाएं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार कार्यों की समीक्षा
कुलपति ने महाविद्यालय में संचालित शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अनुसंधान परियोजनाओं, प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और किसानों तक कृषि तकनीक पहुंचाने से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी ली। साथ ही वैज्ञानिकों और शिक्षकों को अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने तथा नवाचार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
मोकामा में निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी
निरीक्षण के दूसरे चरण में कुलपति पल्स रिसर्च स्टेशन, मोकामा पहुंचे, जहां उन्होंने परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने निदेशक (वर्क्स एंड प्लान) को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरी कराने का निर्देश दिया।
प्रोसेसिंग यूनिट जल्द चालू करने के निर्देश
कुलपति ने परिसर में स्थापित प्रोसेसिंग यूनिट की परिचालन स्थिति की भी समीक्षा की। यूनिट के अपेक्षित रूप से संचालित नहीं होने पर उन्होंने निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र) को तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर इसे शीघ्र पूर्ण रूप से चालू करने के निर्देश दिए, ताकि अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
शैक्षणिक उत्कृष्टता पर दिया जोर
डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय की सभी इकाइयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, प्रभावी प्रसार कार्य और समयबद्ध आधारभूत विकास सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य कर विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
नोट: यह समाचार बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।


