भागलपुर में 728 सहकारी समितियां सक्रिय, बिहार के 4,495 पैक्स के कंप्यूटरीकरण के लिए ₹53.90 करोड़ जारी

भागलपुर: भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा है कि केंद्र सरकार की “सहकार से समृद्धि” पहल के तहत सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में उनके अतारांकित प्रश्न संख्या-438 के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जानकारी दी है कि भागलपुर जिले में 788 सहकारी समितियां पंजीकृत हैं, जिनमें से 728 समितियां सक्रिय हैं।

बिहार के 4,495 पैक्स के कंप्यूटरीकरण को मंजूरी

सांसद ने बताया कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार देशभर में कंप्यूटरीकरण अभियान चला रही है। इसके तहत बिहार के 4,495 पैक्स के कंप्यूटरीकरण को मंजूरी दी गई है। इनमें 4,477 पैक्स को हार्डवेयर उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 4,482 पैक्स को ईआरपी आधारित कॉमन नेशनल सॉफ्टवेयर से जोड़ा गया है। इस योजना के लिए बिहार को अब तक 53.90 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की गई है।

किसानों को मिलेगा डिजिटल सेवाओं का लाभ

सांसद ने कहा कि सभी पैक्स को राज्य सहकारी बैंक, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और नाबार्ड से डिजिटल माध्यम से जोड़ा जा रहा है। इससे किसानों को ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य सहकारी सेवाओं का लाभ अधिक तेज़, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से मिल सकेगा।

नई सहकारी समितियों के गठन पर जोर

अजय कुमार मंडल ने बताया कि 15 फरवरी 2023 से 15 जुलाई 2026 के बीच देशभर में 38,138 नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों का गठन किया गया है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों, पशुपालकों तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी।

डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता

सांसद ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण से पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी, बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि भागलपुर के किसानों, पशुपालकों और मत्स्य पालकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की सहकारिता योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे।

नोट: यह समाचार भागलपुर सांसद कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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