उज्जैन में पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप, बीजेपी नेता के दो भतीजों की मौत; हमले के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुरानी रंजिश ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। नीलगंगा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद के दौरान हुई कथित फायरिंग और धारदार हथियारों से हमले में दो युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान लोकेश गौरकर और जय गौरकर के रूप में बताई जा रही है। दोनों एक भाजपा नेता के भतीजे थे।

इस घटना में भाजपा नेता दिलीप राव गौरकर, उनका बेटा तपन गौरकर और परिवार का एक अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच होली के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस अब इसी विवाद और उसके बाद हुई घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है।

जूना अखाड़ा चौराहे के पास हुआ हमला

घटना नीलगंगा थाना क्षेत्र के जूना अखाड़ा चौराहे के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात यहां दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और दोनों ओर से हिंसा शुरू होने की बात सामने आई।

आरोप है कि एक पक्ष के लोगों ने लोकेश गौरकर को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि वह अपने घर के बाहर मौजूद था, तभी दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से उसका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने के बाद कथित तौर पर उस पर गोली चला दी गई।

गोली लगने के बाद लोकेश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर गया। आसपास मौजूद लोगों और परिवार के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे और घायल लोकेश को बचाने की कोशिश की।

इसी दौरान हिंसा और बढ़ने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, घटना में गोलीबारी के साथ धारदार हथियारों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार के लोगों पर भी हमला करने का आरोप

बताया जा रहा है कि लोकेश पर हमले के बाद उसके परिवार के सदस्य उसे बचाने के लिए आगे आए। इसी दौरान हमलावरों ने कथित तौर पर उन पर भी हमला कर दिया।

घटना में जय गौरकर समेत परिवार के कई लोग घायल हुए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान जय की हालत गंभीर हो गई और चिकित्सकों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी भी मौत हो गई।

इस घटना के बाद मृतकों के परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, इलाके में भी तनाव बढ़ गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है।

भाजपा नेता और उनके बेटे के घायल होने की जानकारी

पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के दौरान भाजपा नेता दिलीप राव गौरकर भी अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान वह भी घायल हो गए। उनके बेटे तपन गौरकर के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

परिवार के अन्य सदस्य भी हमले में घायल बताए जा रहे हैं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

होली के समय से चल रहा था विवाद

उज्जैन पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसी साल होली के आसपास दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

उस समय दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तनाव की स्थिति बनी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उस विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच किस तरह की स्थिति बनी रही और क्या पहले भी कोई झड़प हुई थी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरुप्रसाद पाराशर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका सामने आई है कि शनिवार रात हुई हिंसा का संबंध उसी पुराने विवाद से हो सकता है। पुलिस इस पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

अधिकारी के मुताबिक, घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से हिंसा किए जाने और फायरिंग होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।

CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान की कोशिश

पुलिस ने घटना की जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों की मदद से घटना के दौरान मौजूद लोगों और कथित हमलावरों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा पुलिस आसपास के दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर रही है। घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या हुआ था और विवाद किस वजह से शुरू हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच टीम घटनास्थल से संभावित साक्ष्य भी एकत्र कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और पर्याप्त कानूनी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में तनाव के बाद भारी पुलिस बल तैनात

दो लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की घटना के बाद नीलगंगा क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए जूना अखाड़ा चौराहे और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है।

अधिकारी लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि घटना के बाद किसी तरह की अफवाह या तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।

प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर बनाए रखी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी घटना की पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस इस दोहरे हत्याकांड की जांच में जुटी है। प्रारंभिक तौर पर पुरानी रंजिश को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

दो युवकों की मौत के बाद अब पुलिस का ध्यान कथित आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और विवाद किस तरह हिंसक संघर्ष में बदला। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस की टीमें लगातार मामले की छानबीन कर रही हैं।

उज्जैन की इस घटना ने एक बार फिर पुरानी रंजिश के हिंसक परिणाम को सामने ला दिया है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए सभी आरोपियों तक पहुंचना और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करना है।

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