
पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और योजना से जुड़ी संस्थाओं को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और गर्म भोजन हर हाल में उपलब्ध कराया जाए।
दो महीने में इंसुलेटेड बर्तनों की व्यवस्था अनिवार्य
विकास भवन में मिड डे मील योजना से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी सेंट्रलाइज्ड किचेन संचालित करने वाली संस्थाएं अगले दो माह के भीतर स्टील के बर्तनों की जगह इंसुलेटेड बर्तनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि भोजन का तापमान और गुणवत्ता बनी रहे।
हर प्रखंड में सेंट्रलाइज्ड किचेन खोलने पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में सेंट्रलाइज्ड किचेन स्थापित किए जाएं, जबकि बड़े प्रखंडों में दो किचेन संचालित करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया तीन से चार घंटे के भीतर पूरी होनी चाहिए।
7-8 घंटे पुराना भोजन परोसने की शिकायतों पर सख्ती
मंत्री ने कहा कि कई स्थानों से सात से आठ घंटे पहले तैयार भोजन बच्चों को परोसने की शिकायतें मिली हैं, जो स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड साधनसेवी नियमित निगरानी करेंगे और पोर्टल पर तस्वीरें अपलोड करेंगे। साथ ही सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पूरी व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।
संस्थाओं को खुद करनी होगी प्रभावी निगरानी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मिड डे मील संचालित करने वाली संस्थाएं यदि स्वयं निगरानी व्यवस्था मजबूत करें तो अधिकांश शिकायतों का समाधान स्वतः हो जाएगा। उन्होंने अनधिकृत व्यक्तियों की भूमिका समाप्त करने और संचालन संबंधी किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी मध्याह्न भोजन निदेशालय को देने का निर्देश दिया।
बेहतर प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
मंत्री ने कहा कि निर्धारित मानकों का पालन करने वाली संस्थाओं के हितों का सरकार भविष्य में भी ध्यान रखेगी। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में भोजन निर्माण और वितरण का कार्य एक ही संस्था को सौंपने पर विचार किया जा रहा है, जिससे जवाबदेही तय होगी और भोजन की गुणवत्ता एवं वितरण व्यवस्था में और सुधार आएगा।
बैठक में मध्याह्न भोजन निदेशक सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक में 43 में से 41 स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


