
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के शुभारंभ में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को भागलपुर के अपर जिला दंडाधिकारी (एडीएम) धीरेन्द्र कुमार मिश्रा ने सुल्तानगंज स्थित अजगैविनाथ धाम और नमामि गंगे घाट का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सभी अधूरे कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
एडीएम के साथ जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर, कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सत्यम राज, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी हेमलता कुमारी तथा नगर परिषद सुल्तानगंज के स्वच्छता पदाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की टीम ने नमामि गंगे घाट, अजगैविनाथ गंगा घाट और प्रखंड मुख्यालय परिसर का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और आधारभूत व्यवस्थाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंगा घाट पर बनाए जा रहे बैरिकेडिंग कार्य की प्रगति देखी। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं और जल भरने वाले कांवड़ियों की आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सभी सुरक्षा इंतजाम समय से पहले पूरे कर लिए जाएं ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। हर वर्ष लाखों कांवड़िया सुल्तानगंज के गंगा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। इस दौरान सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए प्रशासन हर वर्ष व्यापक स्तर पर सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करता है।
निरीक्षण के दौरान नमामि गंगे घाट पर बनाए जा रहे उद्घाटन स्थल की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का निरीक्षण करते हुए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि तय समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि उद्घाटन स्थल पर किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध होनी चाहिए।
गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एसडीआरएफ टीम की तैनाती की तैयारियों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभाग से बचाव उपकरणों, नावों और अन्य सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहनी चाहिए।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी निरीक्षण टीम ने विशेष ध्यान दिया। नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि घाटों, सड़कों और मेला क्षेत्र में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। कचरा निष्पादन की समुचित व्यवस्था करने तथा पूरे मेला क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती करने पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ वातावरण श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर लगाए जा रहे पेयजल केंद्रों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि मेले के दौरान किसी भी स्थान पर पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था को लगातार सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने विस्तृत समीक्षा की। मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, अस्थायी विद्युत कनेक्शन की सुरक्षा जांच कराने तथा किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल मरम्मत के लिए विशेष टीम तैयार रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना था कि रात के समय भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है, इसलिए निर्बाध बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान कांवड़ियों के ठहराव स्थलों का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अस्थायी शिविरों में स्वच्छ पेयजल, प्रकाश, शौचालय और प्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
शौचालयों की व्यवस्था की भी विस्तृत जांच की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को पर्याप्त संख्या में अस्थायी और स्थायी शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा उनकी नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के बाद एडीएम धीरेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि श्रावणी मेला शुरू होने में अब केवल कुछ दिन ही शेष हैं। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय के निर्देशानुसार 25 जुलाई तक मेला क्षेत्र से जुड़े सभी कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाने हैं। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है ताकि समय रहते सभी कमियों को दूर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, यातायात और ठहरने जैसी सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
प्रशासन का मानना है कि विभिन्न विभागों के समन्वय से ही श्रावणी मेला सफल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकता है। इसी उद्देश्य से लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं और हर विभाग की जिम्मेदारी तय की जा रही है। आने वाले दिनों में भी अधिकारी नियमित रूप से मेला क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय प्रशासनिक टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी और समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष श्रावणी मेला को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि देशभर से आने वाले लाखों कांवड़ियों को बेहतर अनुभव मिल सके।


